बिहार की राजधानी पटना में पिछले कुछ दिनों से कोचिंग जगत से जुड़ा एक बड़ा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस मामले में छात्रों के बीच अपनी खास शैली और लोकप्रियता के लिए चर्चा में रहने वाले खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर इस समय पटना से फरार बताए जा रहे हैं.
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पुलिस के मुताबिक, खान सर की तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जो लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फैजल खान को ढूंढने के लिए पटना और उसके आस-पास के जिलों में लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन फिलहाल उनका कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है और वह सार्वजनिक रूप से भी नजर नहीं आ रहे हैं.
सवाल सुनते ही कुर्सी छोड़ उठे SSP कार्तिकेय शर्मा
खान सर की गिरफ्तारी और उन्हें ढूंढने के लिए की जा रही पुलिसिया कार्रवाई के बीच यह मामला उस समय और गरमा गया जब पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे खान सर उर्फ फैजल खान को लेकर सवाल पूछा, तो एसएसपी ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया.
फैजल खान का नाम सुनते ही एसएसपी कार्तिकेय शर्मा सीधे अपनी कुर्सी छोड़कर उठ गए और वहां से जाने लगे. जब पत्रकारों ने उन्हें रोककर दोबारा सवाल पूछने की कोशिश की, तो उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह पूरा मामला न्यायालय के अधीन है और कोर्ट की इस प्रक्रिया पर वह या सरकार कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं. उन्होंने साफ किया कि यह सब पुलिस के अनुसंधान का विषय है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
पक्षपात के आरोपों पर पुलिस की सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और लापरवाही पर भी सवाल उठाए कि आखिर फैजल खान की गिरफ्तारी से पहले उन्हें इतना वक्त क्यों मिल गया. इसके साथ ही विपक्षी दलों और दूसरे पक्ष (रोशन आनंद सर) की तरफ से लगातार यह आरोप लगाया जा रहा है कि एक आरोपी को तो तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, लेकिन खान सर के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों की गई.
इन आरोपों का जवाब देते हुए एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि पुलिस का मुख्य काम निष्पक्षता से अनुसंधान करना है और वह अपना काम कर रहे हैं. पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को जांच के लिए भेज दिया है और जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भी जिम्मेदारी या संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके हथियारों के लाइसेंस की भी जांच की जाएगी और उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.
क्या है खान सर और रोशन आनंद का पूरा विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 2 और 3 जून की रात को हुई थी, जब खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के बीच आपसी तनाव चरम पर पहुंच गया था. आपको बता दें कि ज्ञान बिंदु संस्थान के संस्थापक रोशन आनंद हैं. दोनों पक्षों के बीच शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें जमकर तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं. शुरुआत में खान ग्लोबल स्टडीज की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए यह दावा किया गया था कि उनके संस्थान पर हमला किया गया है. इस शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रोशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
नए वीडियो ने बदला जांच का रुख
रोशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद यह मामला तब पूरी तरह पलट गया जब सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया. इस नए वीडियो के सामने आने के बाद पटना पुलिस के अनुसंधान का फोकस पूरी तरह से बदल गया. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि घटना की रात को गोली किसी बाहरी उपद्रवी ने नहीं, बल्कि खुद खान सर के कहने पर उनके बॉडीगार्ड ने चलाई थी. इस खुलासे के बाद से ही खान सर उर्फ फैजल खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है और पुलिस की एसआईटी टीम उनकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है. फिलहाल, रोशन आनंद जहां जेल में बंद हैं, वहीं खान सर को कोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत दे दी है.
यहां देखें वीडियो
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