'पैसों का घमंड और ईगो...', खान सर पर भड़के पैतृक गांव के लोग, लगाए गंभीर आरोप

Khan Sir News: पटना के चर्चित शिक्षक खान सर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. इस बार उनके पैतृक गांव भाटपार रानी (देवरिया) के लोगों और स्थानीय सभासद ने उन पर नाला निर्माण रुकवाने, प्रशासनिक दबाव बनाने और पड़ोसियों को परेशान करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. जानिए खान सर से जुड़े इस नए विवाद की पूरी कहानी.

Khan Sir Controversy
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राम प्रताप सिंह

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पटना के मशहूर शिक्षक खान सर अपने पढ़ाने के अनोखे अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. लेकिन इन दिनों वह कोचिंग विवाद के कारण चर्चा में आ गए है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी स्थित उनके पैतृक गांव के लोग अब खान सर के खिलाफ खुलकर बोलने लगे हैं. गांव वालों का आरोप है कि खान सर और उनके परिवार की वजह से गांव के विकास कार्यों में बाधा आ रही है और वे अपने रसूख का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

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खान सर पर नाला निर्माण रुकवाने का आरोप

क्षेत्र के स्थानीय सभासद आदित्य सिंह मोनू ने खान सर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. मोनू का कहना है कि सोशल मीडिया पर वह कभी खान सर के बड़े प्रशंसक हुआ करते थे और उन्हें अपने गांव का गौरव मानते थे, लेकिन उनके कारनामों की वजह से अब वे उनके विरोध में उतर आए हैं. सभासद के मुताबिक, नगर पंचायत द्वारा खान सर के मकान से लेकर एक सरकारी गड्ढे तक नाली निर्माण का टेंडर पास हुआ था. आरोप है कि खान सर ने इस सरकारी नाली के निर्माण कार्य को रुकवा दिया.

प्रशासनिक दबाव और 'ईगो' का मामला

सभासद आदित्य सिंह मोनू ने ऑन-रिकॉर्ड बात करते हुए बताया कि जब नाली निर्माण को लेकर खान सर के परिवार से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्हें धमकाया गया और मामला हाई कोर्ट ले जाने की बात कही गई. मोनू के अनुसार, लेखपाल ने पहले सड़क से 17 फीट की दूरी पर नाली बनाने की बात कही थी, लेकिन अन्य मकानों को देखते हुए इसे 13 फीट पर बनाने की सहमति बनी. इसके बावजूद खान सर के परिवार ने वहां खुदाई नहीं होने दी. सभासद ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से 'ईगो' यानी घमंड का मामला है कि 'हमारे घर के आगे नाली कैसे खोदी जा सकती है'.

शिल्पी राज से की खान सर की तुलना

स्थानीय लोगों और सभासद में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि खान सर ने देश-दुनिया में इतना बड़ा नाम कमाने के बाद भी कभी अपने पैतृक गांव के लिए कुछ नहीं किया. सभासद ने इसी क्षेत्र की मशहूर सिंगर शिल्पी राज का उदाहरण देते हुए कहा कि शिल्पी राज हर जगह गर्व से भाटपार रानी का नाम लेती हैं, लेकिन खान सर आज तक सार्वजनिक मंचों पर अपने गांव का नाम तक नहीं बता पाए हैं. इस वजह से गांव के लोग अब उन्हें अपना मानने से भी कतरा रहे हैं.

पड़ोसी की बाउंड्री वॉल तुड़वाने का दावा

नाला विवाद के अलावा खान सर पर पड़ोसियों को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगा है. गांव के ही एक निवासी अशोक सिंह ने बताया कि खान सर ने मोहल्ले में रास्ते के लिए एक जमीन खरीदी थी. इसके बाद से वे पिछले 2 साल से रास्ते को लेकर लोगों को परेशान कर रहे हैं. अशोक सिंह का आरोप है कि खान सर के पिता ने पैसों के दम पर लेखपाल से मिलकर गलत तरीके से जमीन की नापी करवाई और उनकी बाउंड्री वॉल (छड़की) को जबरन तुड़वा दिया. हालांकि, बाद में जब दोबारा सरकारी नापी हुई, तो जमीन उतनी ही निकली जितनी पहले छोड़ी गई थी.

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