Arvind Kejriwal Bhondsi Jail Secret Meeting: शनिवार की दोपहर करीब 2:45 बजे गुरुग्राम की भोंडसी जेल के बाहर अचानक हलचल बढ़ गई. भारी पुलिस सुरक्षा के बीच सायरन बजाती गाड़ियों का एक बड़ा काफिला जेल के मुख्य गेट की तरफ बढ़ता दिखाई दिया तो वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए. गाड़ियां रुकी ओर उनके दरवाजे खुले तो उनमें से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान उतरे. इस हाई-प्रोफाइल दौरे को इतना गोपनीय रखा गया था कि मीडिया के कैमरों को जेल परिसर से कोसों दूर रोक दिया गया. इतना ही नहीं, जेल के अंदर तैनात सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन तक प्रशासन ने अपने पास जमा करवा लिए थे, ताकि अंदर की कोई भी तस्वीर या बात बाहर लीक न हो सके.
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आखिर भोंडसी जेल क्यों पहुंचे दोनों?
यह पूरा वीवीआईपी इंतजाम और सख्त पहरा पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात के लिए किया गया था, जो इस वक्त ईडी की कस्टडी के बाद भोंडसी जेल में बंद हैं. दोपहर पौने तीन बजे शुरू हुई यह सीक्रेट मुलाकात ठीक 20 मिनट तक चली. हालांकि, हमेशा मीडिया के सामने बेबाकी से हर मुद्दे पर अपनी राय रखने वाले अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान जब जेल से बाहर निकले तो उन्होंने कैमरों से पूरी तरह दूरी बना ली और बिना एक शब्द बोले सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो गए.
20 मिनट के बंद कमरे की 'इनसाइड स्टोरी' इस खामोशी ने राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार बेहद गर्म कर दिया है. अंदरूनी सूत्रों के हवाले से इस 20 मिनट की सीक्रेट मीटिंग की तीन सबसे बड़ी 'इनसाइड स्टोरी' सामने आ रही हैं.
कानूनी रणनीति और सुरक्षा का भरोसा
मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹100 करोड़ के फर्जी जीएसटी बिलिंग घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के संगीन आरोपों के तहत 9 मई को गिरफ्तार किया था. जेल सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल और मान खुद संजीव अरोड़ा को यह ढांढस बंधाने पहुंचे थे कि पूरी आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार इस कानूनी लड़ाई में उनके और उनके परिवार के साथ खड़ी है.
जांच की आंच से जुड़ी बड़ी आशंकाएं
ईडी की रिमांड के दौरान संजीव अरोड़ा से केंद्रीय एजेंसी ने क्या-क्या सवाल पूछे, उनके पास क्या दस्तावेज लगे हैं और क्या इस जांच की आंच पंजाब सरकार या आम आदमी पार्टी के कुछ और बड़े चेहरों तक पहुंच सकती है? माना जा रहा है कि बंद कमरे में दोनों ने इसी संभावित खतरे और डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर गहन चर्चा की है.
क्या है संजीव अरोड़ा का पूरा मामला?
आपको बता दें कि संजीव अरोड़ा पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं. ईडी का दावा है कि एक बड़े फर्जी जीएसटी बिलिंग नेटवर्क के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं. 9 मई की देर रात जब ईडी ने उन्हें दबोचा तो सीधे गुरुग्राम कोर्ट लेकर गई थी. रिमांड अवधि खत्म होने के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया. अब देखना होगा कि दोनों कप्तानों की यह जेल यात्रा इस बड़े घोटाले के बीच क्या नया राजनीतिक मोड़ लेकर आती है.
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