ट्विशा शर्मा की अंतिम विदाई में मौजूद हर किसी की आंखे हुई नम, दुल्हन की तरह सजी बेटी को देखकर चीख-चीखकर रोने लगी मां

भोपाल में ट्विशा शर्मा के शव का दिल्ली एम्स की टीम द्वारा 4 घंटे तक दोबारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद परिजनों ने भारी मन से भोपाल में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया.

ट्विशा शर्मा
ट्विशा शर्मा

रवीशपाल सिंह

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भोपाल के चर्चित मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में रविवार का दिन बेहद भावुक और आखिरी पड़ाव साबित हुआ. दिल्ली एम्स (AIIMS) की टीम द्वारा करीब 4 घंटे तक किए गए दोबारा पोस्टमार्टम (री-पोस्टमार्टम) के बाद आखिरकार ट्विशा के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया गया. मौत के 12 दिन बाद, रविवार शाम को भोपाल के भदभदा श्मशान घाट पर पूरी कानूनी प्रक्रिया और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ ट्विशा का अंतिम संस्कार कर दिया गया. 

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4 घंटे तक चली री-पोस्टमार्टम की प्रक्रिया

दिल्ली एम्स की चार सदस्यीय विशेष टीम सुबह करीब 11:00 बजे भोपाल एम्स पहुंची, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा और वीडियोग्राफी के बीच दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई. दोपहर 3:00 बजे पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद कागजी कार्रवाई की गई. इसके बाद, सेना के जवानों और स्थानीय पुलिस ने मिलकर बेहद भावुक माहौल में परिवार की मदद करते हुए मोर्चुरी के बाहर ही ट्विशा की अंतिम यात्रा के लिए अर्थी तैयार की.

भोपाल में ही अंतिम विदाई क्यों? 

ट्विशा की मौत 12 मई को हुई थी और तब से उनका शव मोर्चुरी में सुरक्षित रखा गया था. पहले इस बात को लेकर संशय था कि अंतिम संस्कार दिल्ली में किया जाए या भोपाल में. लेकिन 12 दिन बीत जाने के कारण शव की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसे इतनी दूर ट्रांसपोर्ट किया जा सके. दिल्ली एम्स की टीम ने भी परिवार को यही सलाह दी.

मोर्चुरी से सीधे श्मशान घाट

क्योकिं भोपाल में ट्विशा के परिवार का कोई निजी घर या ठिकाना नहीं था, इसलिए परिजनों ने भारी मन से तय किया कि री-पोस्टमार्टम की मुख्य मांग पूरी होने के बाद अब बेटी को और कष्ट नहीं दिया जाएगा. फूलों से सजे शव वाहन में पार्थिव शरीर को रखकर मोर्चुरी से सीधे भदभदा श्मशान घाट ले जाया गया.

भाई और मां का रो-रोकर बुरा हाल

ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा जैसे ही मोर्चुरी से बाहर आए, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. 12 दिनों के लंबे और थका देने वाले कानूनी संघर्ष के बाद अपनी लाडली को अंतिम विदाई देना परिवार के लिए असहनीय था. सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में शव वाहन को श्मशान घाट रवाना किया गया.

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उनके पति समर्थ सिंह की 7 दिनों की पुलिस रिमांड के बीच, इस अंतिम संस्कार के साथ ट्विशा को न्याय दिलाने की पहली कानूनी प्रक्रिया (री-पोस्टमार्टम) पूरी हो चुकी है, जिसकी रिपोर्ट अब इस पूरे केस की दिशा तय करेगी.

 

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