Twisha Sharma Case: तीन नोटिस के बाद भी पूछताछ के लिए नहीं पहुंची ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह, जांच में सहयोग न करने लगें आरोप

ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस ने पूर्व जज और सास गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. पुलिस का आरोप है कि पूर्व जज जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं और लगातार नोटिस के बावजूद पूछताछ से बच रही हैं.

ट्विशा मामले में जांच में सहयोग नहीं कर रही सास
ट्विशा मामले में जांच में सहयोग नहीं कर रही सास

आकांक्षा ठाकुर

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Bhopal Twisha Sharma Case Update: ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. मामले की जांच कर रही भोपाल पुलिस की टीम कटारा हिल्स स्थित गिरीबाला सिंह के आवास पर पहुंची और वहां मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का नोटिस चस्पा कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बना रहा. पुलिस का आरोप है कि पूर्व जज जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं और लगातार पूछताछ से बच रही हैं.

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अग्रिम जमानत रद्द कराने हाई कोर्ट पहुंची पुलिस

दरअसल, 15 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके तुरंत बाद निचली अदालत (सेशन कोर्ट) ने गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी. अब पुलिस और राज्य सरकार ने इस जमानत को रद्द कराने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

हाई कोर्ट में दायर आवेदन में पुलिस ने दलील दी है कि निचली अदालत ने केस के गंभीर तथ्यों जैसे कि:

  • ट्विशा और उसके माता-पिता के बीच हुई WhatsApp चैट.
  • मेडिकल एविडेंस (चिकित्सकीय साक्ष्य).
  • परिजनों के बयान और दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप.

इन सभी की बारीकी से जांच किए बिना ही जल्दबाजी में जमानत दे दी. पुलिस के मुताबिक, WhatsApp चैट में गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर सिंह के खिलाफ प्रताड़ना के स्पष्ट आरोप हैं, जिन्हें सेशन कोर्ट ने ठीक से देखे बगैर अनदेखा कर दिया.

जांच में सहयोग न करने और सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप

हाई कोर्ट पहुंचे आवेदन में पुलिस ने पूर्व जज पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.  पुलिस के अनुसार, गिरीबाला सिंह को पहले 13 और 14 मई को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आईं. इसके बाद 20 मई को उन्हें WhatsApp पर भी नोटिस भेजा गया, जिसे देखने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. पुलिस का कहना है कि वे जानबूझकर पूछताछ से बच रही हैं, जो जमानत की शर्तों का खुला उल्लंघन है. हालांकि, गिरीबाला सिंह ने नोटिस मिलने के दावों को खारिज किया है.

सबूतों के साथ छेड़छाड़ का अंदेशा

मृतका के परिजनों का आरोप है कि गिरीबाला सिंह उसी घर में रह रही हैं जहां घटना हुई और वे सबूतों को मिटाने की कोशिश कर रही हैं. पुलिस ने भी बताया कि 13 मई को घर का सीसीटीवी फुटेज जब्त किया गया था, लेकिन गिरीबाला सिंह के पास पहले से सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित था और इसमें छेड़छाड़ की आशंका है.

वकील ने भी छोड़ा पूर्व जज का साथ

इस कानूनी लड़ाई के बीच गिरीबाला सिंह को एक और बड़ा झटका लगा है. भोपाल कोर्ट में उनका केस लड़ रहे वकील इनोस जॉर्ज कार्लो ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है. वकील द्वारा केस छोड़ने के बाद अब पूर्व जज को कानूनी पैरवी के लिए नया वकील ढूंढना होगा. 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है और प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगा. फिलहाल, हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. 


 

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