ट्विशा के पंचतत्व में विलीन होने से पहले पिता ने कांपते हाथों से लिखी रूला देने वाली बातें! अंतिम विदाई पर ये सब कहा...

Twisha Sharma Case: कानूनी उलझनों के कारण 12 दिनों के इंतजार के बाद, आज शाम 5 बजे भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर नवविवाहिता द्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

Twisha Sharma Case
Twisha Sharma Case

आकांक्षा ठाकुर

follow google news

 

Read more!

किसी भी माता-पिता के लिए दुनिया का सबसे असहनीय और कलेजा चीर देने वाला पल वो होता है, जब उन्हें अपनी जवान बेटी की अर्थी को कंधा देना पड़े. आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक ऐसे ही बेहद दर्दनाक और गमगीन पल का गवाह बनने जा रही है. पिछले कई दिनों से इंसाफ की उम्मीद में भटक रही द्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार आज शाम 5:00 बजे भदभदा विश्राम घाट पर किया जाएगा.

करना पड़ा 12 दिन का इंतजार

हमारी परंपराओं और हिंदू धर्म में मौत के तुरंत बाद अंतिम संस्कार कर दिया जाता है, ताकि आत्मा को शांति मिल सके. लेकिन किस्मत की बेरहमी देखिए, कानूनी उलझनों और परिस्थितियों के फेर में फंसी द्विशा का पार्थिव शरीर कई दिनों तक अपनी अंतिम विदाई का इंतजार करता रहा. आज मौत के करीब 13वें दिन जाकर, कांपते हाथों और बिलखते दिलों के साथ माता-पिता अपनी लाडली को मुखाग्नि देंगे.

रुंधे गले और आंसुओं से भीगी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में टूटे हुए शर्मा परिवार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा:

"यह हमारे लिए सिर्फ कोई कानूनी या सरकारी प्रक्रिया नहीं है. यह हमारी भावनाएं हैं, हमारी आस्था है. एक तरफ तो हम अपनी बच्ची को खोने के गम में अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं, और दूसरी तरफ उसे विदा करने के लिए भी हमें इस कदर तड़पना पड़ा. क्या किसी बेटी और उसके परिवार को मौत के बाद भी इतनी लंबी और दर्दनाक मानसिक पीड़ा से गुजरना चाहिए?"

परिवार ने कहा- हमें कानून पर भरोसा है

मायके पक्ष का कहना है कि वे कानून का पूरा सम्मान करते हैं और जांच में हर तरह से सहयोग कर रहे हैं, लेकिन एक मां-बाप का दिल अपनी बेटी के लिए सिर्फ और सिर्फ सच की भीख मांग रहा है. उनकी मांग है कि जांच इतनी साफ-सुथरी और निष्पक्ष हो कि कोई भी रसूखदार या दोषी बच न पाए. सारे सबूतों को संभालकर रखा जाए ताकि बिना किसी डर या भेदभाव के सच दुनिया के सामने आ सके. परिवार ने भारी मन से कहा कि भले ही इंसाफ की डगर लंबी और मुश्किल है, पर उन्हें भरोसा है कि अंत में जीत सच की ही होगी.

भोपाल के लोगों से हाथ जोड़कर भावुक अपील

इस गहरे अंधेरे और अकेलेपन में शर्मा परिवार ने भोपाल के आम नागरिकों, मां-बहनों, वकीलों, पत्रकारों और समाज के हर संवेदनशील व्यक्ति से हाथ जोड़कर साथ खड़े होने की गुजारिश की है. उन्होंने अपील की है कि आज इस मुश्किल घड़ी में सब मिलकर उनकी बेटी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें और इंसाफ की इस लड़ाई में उनका सहारा बनें.

आज शाम 5 बजे जब द्विशा चिता की लपटों में विलीन होगी तो वो माता-पिता सिर्फ अपनी बेटी के शरीर को आग के हवाले नहीं करेंगे बल्कि अपने जीवन के उस सबसे अनमोल हिस्से को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगे जिसे उन्होंने उंगली पकड़कर चलना सिखाया था. नाजो से पाला था, पढ़ा-लिखाकर बड़ा किया और जिसके सुनहरे भविष्य के न जाने कितने ख्वाब सजाए थे.

क्या है ये पूरा मामला 

मिस पुणे का खिताब जीत चुकीं मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मुलाकात समर्थ सिंह से एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी. इसके बाद दिसंबर 2025 में दोनों की शादी हुई. शादी के महज 5 महीने बाद ही 12 मई 2026 को भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में ट्विशा की मौत हो गई. ट्विशा के परिवार ने पति समर्थ और ससुराल वालों पर दहेज की मांग करने और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. इस मामले में ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह (रिटायर्ड जज) को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है.

ये भी पढ़ें: Twisha Sharma Case: अब ट्विशा शर्मा की प्रेग्नेंसी पर उसके पति समर्थ ने ये क्या बोल दिया

Twisha Sharma Case: तीन नोटिस के बाद भी पूछताछ के लिए नहीं पहुंची ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह, जांच में सहयोग न

 

    follow google news