UP Lekhpal Exam: पेपर लीक की खबर झूठी या सच? सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बाद सरकार का आया बड़ा बयान!

UP Lekhpal Exam: उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में आयोजित हुई लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के दावों को सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है.

UP Lekhpal Exam
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गौरव कुमार पांडेय

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उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुई UPSSSC लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर काफी समय से घमासान मचा हुआ था. कई परीक्षा केंद्रों से वीडियो वायरल होने और पेपर लीक के दावों के बीच अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले पर अपना आधिकारिक रुख साफ कर दिया है. सरकार ने इन तमाम दावों और अफवाहों पर विराम लगाते हुए अपना स्पष्टीकरण जारी किया है.

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सोशल मीडिया पर क्यों मचा था बवाल?

दरअसल, 21 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में लेखपाल मुख्य परीक्षा का आयोजन किया गया था, जिसमें करीब 3.5 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे. परीक्षा का आधिकारिक समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तय था. लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद लखनऊ, देवरिया और मुजफ्फरनगर के कुछ परीक्षा केंद्रों से ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें दावा किया गया कि कुछ अभ्यर्थियों को दोपहर 1:30 से 2:00 बजे के बीच सेंटर से बाहर निकाला गया.

इन वीडियोज के आधार पर अभ्यर्थियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने आयोग व प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए कि आखिर तय समय के बाद भी अभ्यर्थियों को अंदर क्यों रोका गया था? बात यहीं नहीं रुकी, एक्स (पहले ट्विटर) पर #UP_Lekhpal_Bharti_Paper_Leak_Janchn जैसे हैशटैग नंबर वन पर ट्रेंड करने लगे, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने सरकार से जवाब की मांग की.

सरकार और आयोग का आधिकारिक जवाब

सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और हलचल के बीच शासन-प्रशासन के सक्षम अधिकारियों ने पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लिया और जांच (सत्यापन) की. सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए साफ किया कि सोशल मीडिया पर चल रही पेपर लीक की खबरें पूरी तरह से भ्रामक और असत्य हैं.

सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया, 

"लेखपाल मुख्य परीक्षा 2026 प्रदेश के 44 जनपदों के 861 परीक्षा केंद्रों पर पूर्ण शुचिता, निष्पक्षता और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई है. इस परीक्षा के लिए पंजीकृत 3,66,712 अभ्यर्थियों में से लगभग 82% (3,11,756 अभ्यर्थी) परीक्षा में शामिल हुए. पेपर लीक संबंधी जो भी सूचनाएं आ रही थीं, उनका तत्काल सत्यापन कराया गया और वे सभी पूरी तरह से भ्रामक पाई गईं. परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से सफल रही है."

सरकार के इस जवाब के बाद स्थिति साफ हो गई है कि आयोग परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और सफल मान रहा है, हालांकि सोशल मीडिया पर अभी भी अभ्यर्थियों और शिक्षकों के बीच इस परीक्षा के समय को लेकर चर्चाएं जारी हैं.

 

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