शराब घोटाला केस में CM केजरीवाल को कोर्ट से मिली जमानत, कल तिहाड़ जेल से आ सकते हैं बाहर

अभिषेक गुप्ता

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Delhi CM Arvind Kejriwal
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CM Kejriwal got bail: दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को आज शाम यानी गुरुवार को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत मिल गई है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये की जमानत राशि पर ये राहत मिली है. वैसे आपको बता दें कि, जांच एजेंसी ED ने जमानत के विरोध के लिए 48 घंटे का समय मांगा था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक, एक लाख रुपये के मुचलके पर शुक्रवार यानी कल अरविन्द केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते हैं.

आपको बता दें कि, इससे पहले दिल्ली सीएम को मई में लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए करीब 21 दिनों के लिए जेल से बाहर आने की छूट मिली थी. फिर चुनाव खत्म होते ही उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया गया था. अब उन्हें रेगुलर बेल मिल गई है. यानी अब वो बिना किसी बंदिश के बाहर आराम से रह सकते है. इस फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी में भी खुशी का माहौल है. 

दिल्ली सीएम का मनी लॉन्ड्रिंग केस में है नाम 

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाए गए थे. फिर ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में दिल्ली सरकार के कई मंत्री सत्येन्द्र जैन, मनीष सिसौदिया के साथ ही अरविन्द केजरीवाल सभी जेल में है. इन सब के साथ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भी जेल में डाल दिया गया था. हालांकि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई. 

दोषी ठहराने के लिए नहीं है कोई सबूत 

शराब नीति मामले पर चल रही सुनवाई के दौरान केजरीवाल के वकील ने दावा किया कि, अभियोजन पक्ष के पास आप नेता को दोषी ठहराने के लिए कोई सबूत नहीं है. वैसे बहस के दौरान, ED ने अदालत को बताया कि 7 नवंबर, 2021 को केजरीवाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान गोवा के होटल ग्रैंड हयात में रुके थे और बिल का भुगतान चनप्रीत सिंह ने किया था, जिन पर आरोप है कि उन्होंने तटीय क्षेत्र में AAP के फंड का प्रबंधन किया था. 

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ED ने कोर्ट में कहा कि, 'होटल को दो किस्तों में 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया था. इसका भुगतान चनप्रीत सिंह (सह-अभियुक्त) ने अपने बैंक खाते से किया था. चनप्रीत वह व्यक्ति हैं जिसने विभिन्न 'अंगड़िया' (कूरियर) से 45 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे. आपको बता दें कि, अंगड़िया प्रणाली एक पुरानी समानांतर बैंकिंग प्रणाली है जहां व्यापारी एक विश्वसनीय कूरियर के माध्यम से एक राज्य से दूसरे राज्य में नकदी भेजते हैं. यह आम तौर पर मुंबई और गुजरात में आभूषण व्यवसाय में प्रचलित है. 

हालांकि, केजरीवाल के वकील ने कहा कि, उनके खिलाफ पूरा मामला बयानों पर आधारित है. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि 100 करोड़ रुपये साउथ ग्रुप से आए थे. ये सभी बयान हैं. कोई सबूत नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि, 'बयान उन लोगों के हैं जिन्होंने दोषी होने की बात कबूल की है. वे यहां संत नहीं हैं. वे लोग खुद दागी हैं, बल्कि ऐसा भी लगता है कि जो उन्हें जमानत और माफी दिए जाने का वादा किया गया था.' 

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