शिवराज, वसुंधरा और रमन सिंह का क्या होगा? जेपी नड्डा ने बता दिया इनको लेकर क्या है प्लान

देवराज गौर

ADVERTISEMENT

JP Nadda on 3 states chief ministers
JP Nadda on 3 states chief ministers
social share
google news

New Delhi: पांच राज्यों में से तीन राज्यों में सरकार बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा पहली बार किसी मंच पर अपनी बात रखते नजर आए. नड्डा इंडिया टुडे ग्रुप के एजेंडा आज तक में बोल रहे थे. इसमें उन्होंने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी अपनी बात रखी. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में नए मुख्यमंत्री बनाए जाने और पुराने मुख्यमंत्रियों को लेकर भी बात कही.

बीजेपी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नए चेहरों को सीएम बनाया है. मध्य प्रदेश में मोहन यादव और छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सीएम बने हैं. राजस्थान में तो पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को सीएम बनाया गया है.

शिवराज, वसुंधरा और रमन का अब क्या होगा?

इसके बाद से ही चर्चा चल रही है कि शिवराज सिंह चौहान, वसुंधरा राजे सिंधिया और रमन सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का क्या होगा? जेपी नड्डा ने साफ कहा कि, ‘हमने इन्हें बैठने को नहीं बोला है. बल्कि हम इन्हें नया काम देंगे. हम मिलकर तय करेंगे. अभी हम नए फॉर्मेशन में लगे हैं.

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें...

लेकिन, इनको हम नया काम देंगे. ये सब हमारे वरिष्ठ नेता हैं. 15-16 साल अनुभव वाले मुख्यमंत्री. भारतीय जनता पार्टी एक साधारण कार्यकर्ता का उपयोग करने से पीछे नहीं हटती है. इन लोगों का उपयोग करने से हम कहां पीछे रहेंगे? इनको काम देंगे. इनके कद के अनुसार देंगे. इनको अच्छे तरीके से काम में लगाएंगे.’

वसुंधरा की जगह पहली बार के विधायक भजनलाल को क्यों चुना मुख्यमंत्री

राजस्थान में वसुंधरा की जगह पर पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर नड्डा ने कहा कि “वह संगठन के कार्यकर्ता हैं. तीन-तीन अध्यक्षों के महामंत्री रहे हैं. पार्टी के कार्यकर्ता हैं. पार्टी की स्पिरिट को इम्लीमेंट करने वाले हैं. हम 18 करोड़ की पार्टी हैं. लाखों सक्रिय कार्यकर्ता हैं. उनको भी तो लगना चाहिए कि कोई ऐसे भी मुख्यमंत्री बनता है. जो कार्यकर्ता होता है और उसको कार्यकर्ता के रूप में हम आगे बढ़ाते हैं.”

ADVERTISEMENT

नड्डा से पूछा गया कि जब वह शिवराज, वसुंधरा और रमन सिंह से बात करते हैं तो क्या उन्हें तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है? इस पर नड्डा कहते हैं कि “ह्रुमन एंगल को समझ कर ह्रुमन डीलिंग करना भारतीय जनता पार्टी को आता है.”

ADVERTISEMENT

बीजेपी कैसे चुनती है मुख्यमंत्रियों को, नड्डा ने बताया

नए मुख्यमंत्रियों के बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि कैसे बीजेपी के कार्यकर्ताओं की मॉनीटिरिंग की जाती है. फिर उन्हें काम सौंपा जाता है. “हम ऐसे ही नहीं बैठे हुए हैं. हम सबको बोलते हैं तुम अपना नाम बताओ कि आप कहां से हैं. और मैं आपको तीन घंटे में आपकी पूरी जन्मपत्री दे दूंगा. ये भारतीय जनता पार्टी है. यहां बायोडेटा लाके काम नहीं चलता. कोई विजिटिंग कार्ड छापकर काम नहीं चलता. ये बीजेपी है. हजारों कार्यकर्ता हैं.”

नड्डा ने आगे कहा, ‘मैं तो 10 टेलीफोन करूंगा और मुझे पूरा पता चल जाएगा कि गुस्से वाला है, प्यार मोहब्बत से बात करता है, सबको साथ लेकर चलता है, चिढ़ता है, नहीं चिढ़ता है, एक्टिविटी करता है या फिर सामने-सामने खड़ा होता है? सारी चीजें हमको पता चल जाती हैं. कोई ये समझे कि नमस्ते करने से काम चल जाएगा. गलतफहमी मत पालो, इससे कुछ बनना नहीं है. फील्ड में तुम्हारा कृतत्व क्या है? ये हम तय करते हैं.’

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT