3 लड़कों के साथ संसद को धुआं-धुआं करने वाली ये नीलम कौन है? हंगामा करने वालों की कहानी जानिए

अभिषेक गुप्ता

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Parliament Attack
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Parliament Security Breach: बुधवार को संसद पर हमले की बरसी के दिन ही एक बार फिर पार्लियामेंट की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई. दर्शक दीर्घा से कूदकर दो लड़कों ने लोकसभा चैंबर में स्मोक भर दिया. इससे पहले एक लड़की ने एक लड़के के साथ मिलकर संसद के बाहर स्मोक बम छोड़ा और हंगामा किया. फिलहाल विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है और पीएम संग गृहमंत्री अमित शाह के संसद में बयान की मांग कर रहा है. संसद की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस ने इस घटना के संबंध में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया है.

क्या हुआ था: बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी सदन के भीतर कूद गए, उन्होंने पीले रंग का धुआं फैला दिया और नारेबाजी भी की. उधर संसद के बाहर अमोल शिंदे और नीलम देवी ने रंगीन धुआं फैलाया और तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए. चारों आरोपी और इनके दो मददगार अरेस्ट हैं. ललित झा नाम का एक आरोपी फरार है.

आइए आपको संसद के अंदर बाहर हंगामा मचाने वाले इन सारे किरदारों की पूरी कहानी बताते हैं.

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नीलम सिंह: इन आरोपियों में सबसे अधिक चर्चा युवती नीलम की है. 37 वर्षीय नीलम सिंह हरियाणा के जींद की है. उसने संस्कृत में एमफिल किया हुआ है. और नेट, सीटेट क्वालीफाइड है. वो पिछले कई सालों से हरियाणा सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही है लेकिन उसे अबतक कोई जॉब नहीं मिली थी. दिलचस्प बात ये है कि देश में हुए किसान आंदोलन के समय उसने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था उस समय भी पुलिस ने उसे डिटेन किया था.

सागर शर्मा: 26 साल का युवक सागर शर्मा उत्तर प्रदेश का निवासी है. उसके पिता बढ़ई का काम करते हैं. उसने 12वीं तक पढ़ाई की है. उसके बाद पारिवारिक सिचूऐशन खरब होने की वजह से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाया और लखनऊ में ई-रिक्शा चलाने लगा.

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मनोरंजन देवेगौड़ा: यह युवक कर्नाटक का है. इसकी उम्र 34 साल है. इसने इंजीनियरिंग कर रखी है. इसके बाद वो नौकरी ना करते हुए हासन जिले के मल्लापुर गाव में अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था.

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अमोल धनराज: 25 साल का यह युवक महाराष्ट्र के लातूर का है. ये 12वीं तक पढ़ा है और आर्मी और पुलिस भर्ती की तैयारी करता था. इन परीक्षाओं में वो कई बार फेल हो चुका था जिसकी वजह से परेशान था.

इनके अलावा एक आरोपी ललित झा फरार है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसके बिहार का निवासी होने का दावा किया गया है. इसके सोशल मीडिया इंस्टाग्राम की प्रोफाइल के मुताबिक वह एक टीचर है. वह बंगाल के एक एनजीओ ‘साम्यवादी सुभाष सभा’ से जुड़ा हुआ था. इंडिया टुडे ने एनजीओ की संस्थापक नीलाक्ष आइच के साथ बात की है. इसके मुताबिक, ललित ने उनसे आखिरी बार संसद हमले के ठीक बाद संपर्क किया था. उसने कथित तौर पर दोपहर करीब 1 बजे संसद हमले का वीडियो व्हाट्सएप पर उन्हें भेजा था. एक आरोपी विक्की शर्मा उर्फ विक्की जंगली है, जिसका गुरुग्राम है. इसी के घर में पांचों आरोपी रुके. पुलिस ने विक्की और उसकी पत्नी को हिरासत में लिया है.

कैसे हुई इनकी मुलाकात और कब बनाया इसका ब्लूप्रिंट?

अबतक हुई जांच में पुलिस ने बताया है कि इस पूरे मामले में कुल 6 लोग थे. सभी आरोपी सोशल मीडिया पेज ‘भगत सिंह फैन क्लब’ से जुड़े थे. उसके बाद सिग्नल ऐप से एकदूसरे से बातचीत करते थे. संसद के बाहर और अंदर घुसे चारों आरोपी सागर, मनोरंजन, अमोल और नीलम हैं. बाकी के दो ललित और विक्की हैं. ये आरोपी करीब डेढ़ साल पहले कर्नाटक के मैसूर में मिले थे. उसके बाद सभी एकबार और मिले तब उन्होंने इसका पूरा प्लान बनाया था. मार्च में संसद के बजट सत्र के दौरान मनोरंजन बेंगलुरू से दिल्ली आया था और पास बनवाकर संसद भवन की पूरी रेकी की थी. जुलाई में सागर लखनऊ से आकर यही करना चाहा पर उसका पास न बनने की वजह से अंदर नहीं जा सका. रेकी के दौरान मनोरंजन को ये पता चला कि जूतों की अच्छे से जांच नहीं की जाती है. इसी के तहत उसने पूरा प्लान बनाया और अंजाम दिया.

कैसे दिया पूरी प्लानिंग को अंजाम?

6-10 दिसंबर के बीच ये सभी अपने-अपने राज्यों से दिल्ली आए और 10 दिसंबर को विक्की शर्मा उर्फ विक्की जंगली के घर गुरुग्राम में रुके. अमोल जो महाराष्ट्र के लातूर से आया था उसी ने रंगीन पटाखे लाए थे. 13 दिसंबर को सभी इंडिया गेट पर मिले जहां सभी ने आपस में पटाखे बांटे. फिर अपने-अपने काम के लिए निकल गए. सुबह 11-12 बजे के बीच सागर और मनोरंजन संसद भवन के अंदर दाखिल हुए. इसी बीच दो अन्य आरोपी अमोल और नीलम संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. ललित को सभी ने अपना मोबाइल दिया था जो पूरे मामले का वीडियो बना रहा था जो हंगामा होने पर भाग गया.

दिल्ली पुलिस ने UAPA के तहत दर्ज किया केस

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इन आरोपियों पर UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम ऐक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है. क्राइम ब्रांच की जांच में विक्की शर्मा के घर से भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फोटो और किताबें मिली है. पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ कि विक्की, सागर का रिलेटिव है. विक्की की बेटी ने ये खुलासा किया कि मंगलवार को ये सभी पांचों आरोपी उनके घर आये थे.

आठ सुरक्षाकर्मी सस्पेन्ड किए गए

संसद भवन परिसर में जहां-जहां से आरोपियों की एंट्री हुई थी वहां के सिक्योरिटी स्टाफ के आठ सुरक्षाकर्मी सस्पेन्ड कर दिए गए हैं. वे जगहें एंट्री गेट, संसद भवन एंट्री एरिया, पार्लियामेंट सेकेट्रिएट है. सस्पेन्ड हुए सुरक्षाकर्मियों का नाम रामपाल,अरविन्द, विरदास, गणेश, अनिल, विमित्त और नरेन्द्र है.

आरोपियों ने पूछताछ में अबतक क्या बताया?

गिरफ्तार चारों आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. वे सभी एकसुर में यही बता रहे हैं कि इस वारदात को अंजाम देने के पीछे हमारा मकसद बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और मणिपुर की समस्याओं पर सरकार का ध्यान दिलाना था. वैसे जांच अधिकारियों को इनकी बातों पर पूरी तरह से यकीन नहीं है. इनके असल उद्देश्य को पता करने को लेकर अभी अलग-अलग एंगल से जांच जारी है.

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