Bengal Elections: हुमायूं कबीर से ओवैसी ने क्यों तोड़ दिया गठबंधन, एक स्टिंग ने खेल पलट दिया!

पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है. टीएमसी द्वारा जारी एक विवादित स्टिंग वीडियो के बाद ओवैसी ने यह फैसला लिया है, जिसमें कबीर पर मुस्लिमों को बेवकूफ बनाने और बीजेपी से साठगांठ के आरोप लगे हैं.

Humayun Kabir और Owaisi
Humayun Kabir और Owaisi

निधि तनेजा

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े राज्य में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) ने हुमायूं कबीर की पार्टी 'आम जनता उन्नयन पार्टी' से अपना गठबंधन तोड़ दिया है. कल तक जो गठबंधन हुमायूं कबीर के लिए जीत की सीढ़ी माना जा रहा था, ऐन चुनाव से पहले उसके टूटने से कबीर के सियासी समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं.

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15 दिनों में ही बिखर गया अलायंस

ओवैसी और हुमायूं कबीर ने 25 मार्च 2026 को कोलकाता में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. 1 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के बहरामपुर में एक बड़ी संयुक्त रैली भी की गई. लेकिन मात्र 15 दिनों के भीतर, 10 अप्रैल 2026 को ओवैसी ने गठबंधन खत्म करने का फैसला कर लिया.

क्या है विवादित 'स्टिंग' वीडियो?

गठबंधन टूटने की मुख्य वजह तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा जारी किया गया एक कथित स्टिंग वीडियो है. टीएमसी नेता फिरहाद हकीम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि हुमायूं कबीर ने मुस्लिम समुदाय को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की है.

  • वीडियो का दावा: कथित वीडियो में हुमायूं कबीर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "मुस्लिम बहुत भोले हैं, उन्हें बेवकूफ बनाना आसान है."
  • बीजेपी के साथ साठगांठ का आरोप: टीएमसी ने दावा किया कि हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच 1000 करोड़ रुपये की डील हुई है, ताकि मुस्लिमों के वोट बीजेपी की ओर मोड़े जा सकें.

हुमायूं कबीर की सफाई

हुमायूं कबीर ने इन आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है. उन्होंने वीडियो को 'AI जनरेटेड' (Deepfake) बताते हुए कहा कि उनका बीजेपी से कोई संपर्क नहीं है. कबीर ने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और फिरहाद हकीम के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात भी कही है.

ओवैसी की पार्टी का स्टैंड

एआईएमआईएम ने अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट कर साफ किया कि पार्टी बंगाल में अब अकेले चुनाव लड़ेगी. ओवैसी की पार्टी ने कहा कि वे किसी भी ऐसे बयान का समर्थन नहीं कर सकते जो मुस्लिम समुदाय की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाता हो. पार्टी ने साफ किया कि बंगाल के मुस्लिम पहले से ही उपेक्षित हैं और वे उन्हें एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज देना चाहते हैं.

 

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