क्या आपकी राशि मकर या कुंभ है? क्या आप जानते हैं कि इन दोनों राशियों के स्वामी एक ही ग्रह यानी शनि देव होने के बावजूद इनके स्वभाव में जमीन-आसमान का अंतर क्यों होता है? आज 'भाग्य चक्र' में मशहूर ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय से जानेंगे शनि की राशियों का पूरा रहस्य. इसके साथ ही हम जानेंगे. शनिवार को तेल खरीदने से जुड़े एक बड़े भ्रम का सच और दिन को सफल बनाने का अचूक 'सक्सेस मंत्र'.
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शनि की राशियों (मकर और कुंभ) का अनोखा रहस्य
शनि देव वायु तत्व के सबसे प्रमुख ग्रह हैं और वे दो राशियों के स्वामी हैं- मकर और कुंभ.
मकर राशि: यह पृथ्वी तत्व की राशि है. यहां शनि का मुख्य रोल धन, संपन्नता और कॅरियर के लिए होता है.
कुंभ राशि: यह वायु तत्व की राशि है और शनि देव की सबसे प्रिय राशि मानी जाती है. कुंभ राशि के जातकों को शनि ज्ञान और आध्यात्मिकता प्रदान करते हैं.
मकर राशि की खासियत और उपाय: मकर राशि पर शनि के साथ-साथ बुध का भी गहरा प्रभाव होता है, जिससे इस राशि के लोग बहुत बुद्धिमान, चालाक, मौकापरस्त और धनवान होते हैं. ये अपने कॅरियर और सब्जेक्ट के पक्के एक्सपर्ट होते हैं. शारीरिक रूप से यह राशि पैरों के काफ (pindli) एरिया और मसल्स को दर्शाती है. पैरों में दर्द की समस्या मकर राशि के प्रभावित होने का संकेत है.
कमजोरी: इनके अंदर अहंकार (अहम) बहुत ज्यादा होता है, जो कभी-कभी नुकसान कराता है.
उपाय: मकर राशि वालों को बुद्धि ठीक रखने के लिए सलाह लेकर 'पन्ना' पहनना चाहिए. लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए सूर्य देव की उपासना करें. जीवन में बड़े और नकारात्मक जोखिम (रिस्क) लेने से बचें. करियर और परिवार में संतुलन बनाकर रखें. हर शाम शनि मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जप करें और गरीबों की आर्थिक व शारीरिक मदद करें.
कुंभ राशि की खासियत और उपाय: शनि देव के सबसे ज्यादा गुण इसी राशि में पाए जाते हैं. कुंभ राशि के लोगों में आध्यात्म, अंतर्ज्ञान (intuition) और कला के गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं. यदि इन्हें सही मेंटोर या गुरु मिल जाए, तो ये समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित कर सकते हैं. शारीरिक रूप से यह पंजों के ऊपर और काफ के नीचे के हिस्से से जुड़ी है. नसों में झुनझुनाहट, हाथ-पैर का कांपना या पार्किंसंस जैसी बीमारी कुंडली में कुंभ राशि के नेगेटिव होने से हो सकती है.
कमजोरी: आलस्य और लापरवाही इनकी सबसे बड़ी कमजोरी है, जिसके कारण बड़े मौके हाथ से निकल जाते हैं. ये बहुत जल्दी नशे, डिप्रेशन और गलत खान-पान का शिकार हो जाते हैं.
उपाय: कुंभ राशि के जातक जीवन में तरक्की के लिए नियमित रूप से भगवान शिव की उपासना करें. एक साथ कई सारे कामों में हाथ डालने के बजाय एक बार में एक ही काम पर फोकस करें. जितना हो सके आध्यात्मिक बनें, मंत्र जप करें, नियमित उपवास रखें और दान-पुण्य करते रहें.
भ्रम का सच: क्या शनिवार को तेल नहीं खरीदना चाहिए?
बहुत से लोग मानते हैं कि शनिवार को तेल खरीदने से शनिदेव नाराज हो जाते हैं और नुकसान होता है। ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, यह केवल एक मानसिक भ्रम है। शनिवार को तेल खरीदने से आपकी कुंडली के या जीवन के शनि पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता, न ही कोई अशुभता आती है। जब आप मन में डर बिठा लेते हैं, तब भले ही नुकसान हो जाए, अन्यथा शनिवार को आप जितना चाहें उतना तेल बेझिझक खरीद सकते हैं।
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