बिहार के खगड़िया में एक ऐसे शख्स की गिरफ्तारी हुई है, जो खुद को IAS अधिकारी बताकर करीब 10 साल से लोगों को प्रभावित और ठगी करता था. मामला तब और चौंकाने वाला हो गया, जब पुलिस ने उसके ठिकाने पर करीब साढ़े सात घंटे तक छापेमारी की. तलाशी में ऐसी-ऐसी चीजें मिलीं, जिन्हें देखकर पुलिस भी हैरान रह गई.
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आरोपी की पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, मनीष खुद को IAS अधिकारी बताता था और लोगों पर रौब जमाने के लिए अपनी गाड़ियों पर 'IAS' और 'Government of India' जैसे बोर्ड लगाकर घूमता था. वो खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का करीबी भी बताता था.
घर से मिली Tesla और लग्जरी Safari
जिला अपराध इकाई यानी DIU और गोगरी पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार स्थित मनीष के ठिकाने पर छापेमारी की. कार्रवाई दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई और रात लगभग 8:30 बजे तक चली.
पुलिस की नजर सबसे पहले घर में खड़ी दो लग्जरी गाड़ियों पर गई. इनमें Tesla Model Y और Diacore Safari शामिल हैं. खास बात ये थी कि दोनों गाड़ियों पर 'भारत सरकार' लिखा हुआ था. Tesla की नंबर प्लेट के ऊपर भी 'Govt Of India' लिखा मिला.
अब पुलिस इन गाड़ियों के दस्तावेज, मालिकाना हक और उन पर लगाए गए सरकारी बोर्ड की पूरी जांच कर रही है.
100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का दावा
पुलिस की शुरुआती जांच में मनीष कुमार गुप्ता के पास 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति होने की बात सामने आई है. उसकी संपत्ति सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं बताई जा रही है. दूसरे राज्यों और विदेशों में भी उसकी संपत्तियां होने की सूचना मिली है.
यानी एक तरफ खुद को IAS बताने वाला आरोपी, दूसरी तरफ करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी गाड़ियां और आलीशान बंगला... पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है.
घर में मिली लाखों की शराब
छापेमारी में पुलिस को करीब 31 लीटर विदेशी शराब मिली है. अलग-अलग ब्रांड की शराब की बोतलें बरामद हुई हैं. बताया जा रहा है कि इनमें कुछ बोतलों की कीमत एक लाख रुपये से ज्यादा है.
इसके अलावा घर से Apple के 5 मोबाइल फोन, 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड, 4 चेकबुक, लैपटॉप, कंप्यूटर और कई दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.
हिरण और बारहसिंगा के सींग भी मिले
मामला सिर्फ फर्जी IAS और वित्तीय ठगी तक सीमित नहीं है. तलाशी के दौरान घर से हिरण और बारहसिंगा के सींग भी बरामद हुए हैं. इसके अलावा चादर में लिपटी एक मूर्ति और कुछ अन्य संदिग्ध सामान भी पुलिस के हाथ लगा है.
पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया है और अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये चीजें आरोपी के पास कहां से आईं.
घर के चारों तरफ 100 CCTV कैमरे
मनीष के घर की सुरक्षा व्यवस्था भी किसी अधिकारी के बंगले से कम नहीं थी. बताया जा रहा है कि उसने अपने घर के चारों तरफ करीब 100 CCTV कैमरे लगवा रखे थे.
आसपास के लोगों के मुताबिक, मनीष घर से बहुत कम बाहर निकलता था, लेकिन घर के बाहर और आसपास की हर गतिविधि पर उसकी नजर रहती थी.
एक महीने पहले ही दिल्ली से आया था खगड़िया
पुलिस के मुताबिक, मनीष करीब एक महीने पहले दिल्ली से खगड़िया आया था. उसके पिता परमेश्वर गुप्ता खगड़िया के KDS कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर थे.
मनीष छह भाइयों में सबसे छोटा है. उसका एक भाई दिल्ली में प्रोफेसर है, जबकि डंपी कुमार कनाडा में रहता है. बाकी भाइयों के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है.
10 साल से कर रहा था फर्जी IAS का खेल
खगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह के मुताबिक, मनीष लंबे समय से खुद को IAS अधिकारी बताकर बिहार के अलग-अलग जिलों में लोगों को ठगता और अपने प्रभाव में लेता था.
वो निजी गाड़ियों पर IAS और भारत सरकार से जुड़े बोर्ड लगाता था. इससे लोगों के बीच उसकी एक अधिकारी की छवि बनती थी और वो इसी प्रभाव का इस्तेमाल अपने काम के लिए करता था.
पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि पिछले करीब 10 साल में उसने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस पूरे फर्जीवाड़े में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.
Tesla को लेकर भी बड़ा सवाल
छापेमारी में मिली Tesla Model Y ने इस पूरे मामले को और हाईप्रोफाइल बना दिया है. भारत में Tesla ने Model Y के दो वेरिएंट पेश किए हैं.
Model Y Rear Wheel Drive की एक्स-शोरूम कीमत करीब 59.89 लाख रुपये है और इसकी WLTP रेंज करीब 500 किलोमीटर तक बताई जाती है. वहीं Model Y Long Range की एक्स-शोरूम कीमत करीब 67.89 लाख रुपये है और इसकी WLTP रेंज करीब 622 किलोमीटर तक है.
स्टैंडर्ड RWD में 60 kWh बैटरी और Long Range वेरिएंट में 75 kWh बैटरी दी गई है. दोनों की टॉप स्पीड करीब 201 kmph बताई जाती है.
हालांकि खगड़िया में बरामद Tesla को लेकर पुलिस अब ये भी जांच कर रही है कि गाड़ी वास्तव में किसके नाम पर रजिस्टर्ड है, उसे किस माध्यम से खरीदा गया और उस पर 'Government of India' लिखने की अनुमति किसने दी थी.
फिलहाल मनीष कुमार गुप्ता पुलिस की गिरफ्त में है और जांच आगे बढ़ने के साथ उसकी संपत्ति, गाड़ियों, दस्तावेजों और कथित ठगी के नेटवर्क से जुड़े कई और राज सामने आने की उम्मीद है.
एक फर्जी IAS अधिकारी... करोड़ों की संपत्ति... घर के बाहर 100 कैमरे... विदेशी शराब... और घर में खड़ी Tesla. खगड़िया का ये मामला अब सिर्फ फर्जी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की जांच बन चुका है.
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