कौन हैं अभिषेक सिंह? जिन्हें अनंत सिंह ने चुना अपना राजनीतिक वारिस, लंदन से मोकामा के दंगल में उतरने की तैयारी!

ऋचा शर्मा

• 11:43 AM • 17 Mar 2026

Abhishek Singh Biography: मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपने बेटे अभिषेक सिंह को मोकामा की सियासी विरासत सौंपने का ऐलान कर दिया है. लंदन में पढ़ाई कर रहे अभिषेक अब बिहार की राजनीति में एंट्री की तैयारी में हैं. उनके चुनावी मैदान में उतरने की खबर ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

Abhishek Singh Anant Singh Son Political Entry
अनंत सिंह और उनके बड़े बेटे अभिषेक सिंह(फाइल फोटो)
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बिहार की राजनीति में छोटे सरकार के नाम से मशहूर बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने अपने उत्तराधिकारी का ऐलान कर दिया है. राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डालने पहुंचे अनंत सिंह ने साफ कर दिया कि वे खुद अब अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उनकी जगह उनके बड़े बेटे अभिषेक सिंह मोकामा की सियासी विरासत संभालेंगे. अनंत सिंह के इस ऐलान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. आइए जानते है अभिषेक सिंह के बारे में पूरी जानकारी.

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कौन हैं अभिषेक सिंह?

अभिषेक सिंह, अनंत सिंह और नीलम देवी के बड़े बेटे हैं. उनका जन्म 13 मार्च 2003 को हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि अभिषेक के एक जुड़वा भाई भी हैं, जिनका नाम अंकित सिंह है. अभिषेक अपने भाई अंकित से महज 3 मिनट बड़े हैं और यही 3 मिनट का अंतर आज उन्हें राजनीति में बड़ा भाई और पिता का वारिस बना गया है. अनंत सिंह के तीन बेटे हैं- अभिषेक, अंकित और अभिनव.

लंदन में पढ़ाई और मोकामा की माटी का मोह

जहां एक तरफ अनंत सिंह बिहार की 'कच्ची-पक्की' सियासत और कानूनी लड़ाइयों के लिए जाने जाते हैं, वहीं उनके बेटे अभिषेक इस वक्त लंदन की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं. उनके जुड़वा भाई अंकित भी उनके साथ वहीं पढ़ रहे हैं. लंदन की आधुनिक शिक्षा और मोकामा की बाहुबली विरासत का यह मेल अभिषेक की कहानी को काफी दिलचस्प बनाता है.

अनंत सिंह का बड़ा ऐलान: 'यह मेरा आखिरी चुनाव था'

राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान वोट डालकर बाहर निकले अनंत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'यह मेरा आखिरी चुनाव था और यह आखिरी शपथ ग्रहण भी. अब मेरा बाल-बच्चा चुनाव लड़ेगा.' उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में हैं, वे उनके साथ मजबूती से खड़े हैं.

अभिषेक के सामने चुनौतियां

अभी अभिषेक की उम्र महज 22-23 साल के करीब है. उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे खुद को केवल 'अनंत सिंह के बेटे' की पहचान से बाहर निकालें और मोकामा की जनता के बीच अपनी एक अलग छवि बनाएं. लंदन से लौटकर उन्हें गांव-गांव जाना होगा और यह साबित करना होगा कि वे केवल नाम के नहीं, बल्कि काम के भी उत्तराधिकारी हैं.

मोकामा का सियासी भविष्य

अनंत सिंह का मोकामा में दशकों पुराना दबदबा रहा है. उनके इस ऐलान ने विरोधियों और समर्थकों, दोनों के बीच हलचल मचा दी है. अब देखना होगा कि लंदन की गलियों से निकलकर अभिषेक सिंह मोकामा की धूल भरी सियासी राहों पर कितनी कामयाबी से कदम रखते हैं.