दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत पर नहीं मिली राहत, अब 1 दिसंबर तक करना होगा सरेंडर

अनीशा माथुर

30 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 30 2026 11:46 AM)

Anant Singh News: बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया है. साथ ही उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है. इस फैसले के बाद अब अनंत सिंह की आगे की कानूनी रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं.

अनंत सिंह को सुप्रीम काेर्ट से लगा झटका
अनंत सिंह को सुप्रीम काेर्ट से लगा झटका
Google CTA

Dularchand Yadav Murder Case: बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी और निष्कासित जेडीयू विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है. यह आदेश पटना हाईकोर्ट की ओर से अनंत सिंह को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान आया.

दरअसल, अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को सरेंडर करने का निर्देश दिया है. इस फैसले के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है.

Read more!

चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी दुलारचंद की हत्या

यह पूरा मामला बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है. 30 अक्टूबर 2025 को चुनावी सरगर्मी के बीच दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज हत्याकांड में मोकामा के तत्कालीन विधायक अनंत सिंह का नाम सामने आया था. पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तारी के बाद उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी, लेकिन अब घटना की पहली बरसी पर सुप्रीम कोर्ट के इस रुख ने मामले को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

जेडीयू से निष्कासन और राजनीतिक संकट

अनंत सिंह की मुश्किलें सिर्फ कानूनी मोर्चे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका राजनीतिक करियर भी संकट में घिर चुका है. जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ रुख अपनाने के कारण पार्टी ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. इसके साथ ही जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विधानसभा पहुंचकर अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की मांग भी उठा दी है.

नीलम देवी को बंगला खाली करने का नोटिस

पार्टी से बाहर किए जाने के बाद नीलम देवी पर भी गाज गिरी है. उनका मंत्री पद का दर्जा वापस ले लिया गया है और उन्हें सरकारी आवास तुरंत खाली करने का नोटिस थमा दिया गया है. वर्तमान में अनंत सिंह पटना के माल रोड स्थित सरकारी आवास में रह रहे हैं. एक तरफ जहां विधानसभा सदस्यता जाने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ 1 दिसंबर तक सरेंडर करने के आदेश ने उनकी राह और मुश्किल कर दी है.

यह भी पढ़ें: Bihar MLC Election Result: पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार की जीत, अनंत सिंह से विवाद के बीच जेडीयू को मिली सफलता