बिहार के मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज और कड़े तेवरों के कारण चर्चा में हैं. गोपालगंज में एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद और उसके बाद दर्ज हुई FIR पर अनंत सिंह ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि अगर उनके कहीं जाने से दिक्कत है, तो प्रशासन उन्हें लिखित में दे दे, वह भविष्य में किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने ही नहीं जाएंगे. विस्तार से जानिए अनंत सिंह ने क्या-कुछ कहा है.
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एफआईआर को बताया महा गलत
गोपालगंज मामले में दर्ज हुई प्राथमिकी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने इसे पूरी तरह से गलत बताया. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई गलत ही नहीं बल्कि महा गलत है. अनंत सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि नाच-गाना मनोरंजन के लिए होता है, बाप-मां के श्राद्ध के लिए नहीं. उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर वहां नाच हो रहा था और किसी ने ताली बजा दी, तो इसमें कौन सी बड़ी गलती हो गई? उनके अनुसार, नाच-गाने के कार्यक्रमों में इस तरह का उत्साह सामान्य है और इसके लिए एफआईआर दर्ज करना समझ से परे है.
हथियारों और सुरक्षा पर दी सफाई
वीडियो में वायरल हो रहे हथियारों के प्रदर्शन पर सफाई देते हुए बाहुबली विधायक ने कहा कि उनके पास जो सुरक्षाकर्मी थे, वे उनके व्यक्तिगत और आधिकारिक गार्ड थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस वाले हथियार आत्मरक्षा और सुरक्षा के लिए मिलते हैं. अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से वहां कुछ भी गलत होते नहीं देखा.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर वे किसी को नुकसान पहुंचाते, गोली चलवाते या कोई अन्य अवैध काम करते, तो पुलिस की कार्रवाई जायज होती. लेकिन महज एक नाच-गाने के कार्यक्रम में मौजूद रहने पर केस दर्ज होना कुछ समझ नहीं आ रहा है.
स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर उठाए सवाल
अनंत सिंह ने बताया कि जब वे कार्यक्रम में गए थे, तो वहां स्थानीय पुलिस और थाने के लोग भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि पुलिस ने तो उन्हें मंदिर में पूजा तक करवाई और वहां की व्यवस्था अच्छी थी. लेकिन बाद में एसपी के आदेश पर एफआईआर होना हैरानी भरा है.
उन्होंने कहा कि अगर एसपी साहब का ऐसा कोई आदेश है कि अनंत सिंह कार्यक्रमों में नहीं जा सकते, तो वे उसका पालन करेंगे, बशर्ते उन्हें आधिकारिक तौर पर सूचित किया जाए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विधायक भी इंसान होते हैं, उनके भी दोस्त-यार और परिवार होते हैं, वे कोई जानवर नहीं हैं जो किसी सामाजिक आयोजन में शामिल न हों.
'नाम के लिए बनाया जा रहा है निशाना'
अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों और मीडिया की यह आदत हो गई है कि उनका नाम किसी भी चीज से जोड़ दो ताकि वीडियो और खबरें चल सकें. उन्होंने कहा कि बिहार में हर रोज ऐसे कई कार्यक्रम होते हैं, लेकिन केवल उन्हें ही निशाना बनाया जा रहा है.
वीडियो वायरल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबके पास मोबाइल है और लोग फोटो-वीडियो खींचते हैं, इसमें उनकी क्या गलती है? उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कार्यक्रम में शाम 7 बजे गए थे और रात करीब 10:30 बजे वहां से निकल गए थे, जबकि जो विवादित वीडियो बताए जा रहे हैं, वे उनके वहां से जाने के काफी बाद के हो सकते हैं.
यहां देखें वीडियो
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