Mokama MLA Anant Singh release:बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक और मोकामा के विधायक अनंत सिंह करीब चार महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जेल से बाहर आ गए हैं. दुलारचंद यादव हत्याकांड में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जैसे ही अनंत सिंह पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर पहुंचे, वहां का नजारा किसी बड़े उत्सव से कम नहीं था. समर्थकों के भारी हुजूम, ढोल-नगाड़ों की गूंज और आसमान में होती आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया गया.
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अनंत सिंह के स्वागत के लिए उनके आवास के बाहर सुबह से ही बिहार के कोने-कोने से उनके समर्थक पटना पहुंचने लगे थे. जैसे ही उनकी सफेद एसयूवी गेट पर रुकी, समर्थकों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया.
जेल से बाहर आते ही विरोधियों पर निशाना
इस दौरान मीडियाकर्मियों ने भारी भीड़ के बीच जब अनंत सिंह से उनकी रिहाई और उन पर लगे आरोपों के बारे में सवाल पूछा. अनंत सिंह ने कहा कि "सब आदमी जानता है कि हमको झूठा फंसाया गया था. जिस वक्त की घटना बताई जा रही है, मैं उस जगह से 4 किलोमीटर दूर था". उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को एक राजनीतिक साजिश करार देते हुए संकेत दिया कि उन्हें डराने की कोशिश की गई थी, लेकिन जनता के भरोसे ने उन्हें फिर से बाहर ला दिया है.
आवास पर जश्न का माहौल
वही, अनंत सिंह की रिहाई के दौरान आज उनके आवास पर माहौल बिल्कुल दिवाली जैसा ही था या जैसे किसी बड़े चुनावी जीत पर होता है. उनके समर्थक उत्साहित थे कि वहां जमकर पटाखे छोड़े गए और मिठाइयां बांटी गईं थी. इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करना सुरक्षाकर्मियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया था.
पहले ही कर चुके हैं ये बड़ा ऐलान
राजनीतिक जानकारों की माने तो अनंत सिंह की ये रिहाई बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है. मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में उनका एक बड़ा वोट बैंक है. हालांकि, जदयू विधायक अनंत सिंह घोषणा कर चुके है कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली जाने यानी की राज्यसभा जाने के बाद अब अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे. अनंत सिंह ने कहा कि उनकी जगह उनका बड़ा बेटा चुनाव लड़ेगा.
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