बिहार में यूं तो कई बाहुबली नेता है, लेकिन इनमें भी जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहते है वो हैं जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह. अनंत सिंह का विधानसभा क्षेत्र मोकामा है और फिलहाल वो काफी सुर्खियों में बना हुआ है क्योंकि यहां कुछ ऐसा हुआ है जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. हालांकि इस बार चर्चा के पीछे अनंत सिंह नहीं बल्कि राइवलरी सोनू-मोनू की वजह से है. ये वहीं सोनू-मोनू है जो कभी अनंत सिंह के करीबी हुआ करते थे, लेकिन आज जान के दुश्मन बने हुए है.
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दरअसल, बीते दिनों मोकामा से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें पुलिस टीम सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने के लिए पहुंची थी. लेकिन घर में जाने से पहले पुलिसवालों को लाइन में खड़ा कर तलाशी ली गई. इस वीडियो के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे. साथ ही लोगों के मन में सवाल उठने लगा कि आखिर कौन हैं यह सोनू-मोनू, जिनका इतना रसूख है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
क्या है मोकामा का नया विवाद?
मोकामा आए दिन सुर्खियों में बना रहता है. हालिया विवाद की बात करें तो यह विवाद एक सोशल मीडिया के कारण हुई है. बताया जा रहा है कि नौरंगा गांव के वर्तमान पैक्स अध्यक्ष और सरपंच प्रतिनिधि मुकेश ने एक सोशल मीडिया पोस्ट किया, जिसे लेकर दूसरे पक्ष के लोग नाराज हो गए. मामला धीरे-धीरे बढ़ा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई. स्थिति को संभालने के लिए पंचायत बुलाई गई और दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन इसी बीच मामला और गरमा गया.
आरोप है कि इसी दौरान अचानक फायरिंग शुरू हो गई. चश्मदीदों के मुताबिक, जब पंचायत चल रही थी तभी दो राउंड गोलियां चली जिसके बाद मौके पर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई. हालांकि पुलिस ने अब तक आधिकारिक तौर पर फायरिंग के राउंड की पुष्टि नहीं की है, लेकिन गांव में दहशत का माहौल है.
छापेमारी करने गई टीम, ली गई तलाशी
जैसे ही पुलिस को मामले की जानकारी मिली, वह हरकत में आ गई. पंचमहला थाना ने आसपास के थानों की पुलिस टीम को सूचना दी और फिर सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने के लिए पहुंच गई. लेकिन इसी दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उसने मामले को और चर्चित बना दिया. दरअसल, वायरल वीडियो में देखा गया कि पुलिसकर्मी घर के बाहर लाइन में खड़े हैं और एक युवक उनकी तलाशी ले रहा है. तलाशी ले रहा युवक बनियान में नजर आ रहा है और इसी वजह से यह वीडियो काफी चर्चा में बना हुआ है. वीडियो के आने के बाद ही लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिसवालों की इस तरह तलाशी क्यों देनी पड़ रही है?
कौन हैं सोनू-मोनू, जिनका इलाके में इतना रसूख?
सोनू-मोनू दो सगे भाई है और अपराध की दुनिया के पुराने खिलाड़ी है. सोनू और मोनू दोनों का ही मोकामा और आसपास के इलाकों में काफी लंबे समय से नाम चर्चा में है. दोनों भाई जलालपुर गांव के रहने वाले है और बताया जाता है कि इनके पिता पेशे से वकील है. स्थानीय सूत्रों की मानें तो दोनों भाई ईंट-भट्ठे के कारोबार से जुड़े हुए है और इनके खिलाफ हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे कई गंभीर मामले दर्ज है.
सबसे हैरान और मजेदार बात यह है कि दोनों ही भाई कभी अनंत सिंह के खास और करीबी माने जाते थे. लेकिन पंचायत चुनाव और इलाके में बढ़ते प्रभाव की वजह से रिश्ते खराब हो गए और फिर दोनों ही पक्षों के बीच दुश्मनी खुलकर सामने आई. यहीं नहीं कहा जाता है कि 2017-18 में अनंत सिंह की हत्या की साजिश रचने का आरोप भी इन्हीं दोनों भाइयों पर है.
हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन, 60-70 फायरिंग मामले में नाम
ऐसा पहली बार नहीं है जब सोनू-मोनू की वजह से नौरंगा गांव चर्चा में आया है. दरअसल, जनवरी 2025 में यहां अंधाधुंध फायरिंग हुई थी, जिसने पूरा बिहार को दहला दिया है. इस दौरान60-70 राउंड गोलियां चली थी. घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किया जा रहा था. साथ ही सोनू का एक बयान भी काफी चर्चा में आया था, जिसमें वो साफ कह रहा था कि, शस्त्र और शास्त्र दोनों ही परिभाषा सिखाएंगे. इसके बाद से ही वह पुलिस और STF के निशाने पर है और अगस्त 2025 में STF ने मोनू को गिरफ्तार भी कर लिया था.
इंटरस्टेट गैंग से भी जुड़े हैं तार
बताया जा रहा है कि सोनू-मोनू गैंग के तार उत्तर प्रदेश के कुछ बड़े आपराधिक नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते है. चर्चा है कि इनका नाता पूर्वांचल के कुख्यात गिरोहों से रहा है. हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है, लेकिन इलाके में उनका दबदबा साफ दिखता है. स्थानीय लोगों में उनके नाम का भय ऐसा है कि लोग खुलकर इन दोनों भाइयों का विरोध भी नहीं करते है.
अभी कैसा है गांव का माहौल?
हाल में हुई घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस ने स्थिति को भांपते हुए भारी फोर्स की तैनाती कर दी है. क्षेत्र में लगातार कई थानों की पुलिस कैंप कर रही है ताकि दोबारा किसी भी तरह की कोई हिंसा या झड़प ना हो. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक संदिग्धों की तलाश लगातार जारी है और अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
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