आरा में पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट राम पुकार सिंह की हत्या, जमीन विवाद के एंगल से जांच में जुटी पुलिस

सोनू कुमार सिंह

• 10:35 AM • 15 Oct 2026

बिहार के आरा में पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट राम पुकार सिंह की हत्या के मामले में जमीन विवाद का एंगल सामने आया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और परिवार के आरोपों की जांच कर रही है.

ex customs superintendent murder
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बिहार के भोजपुर जिले के आरा में पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट राम पुकार सिंह की हत्या के मामले में जमीन विवाद का एंगल सामने आया है. 72 वर्षीय राम पुकार सिंह की सुबह टहलने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस वारदात के बाद पुलिस अब उन विवादों की पड़ताल कर रही है, जिनका जिक्र मृतक के परिजनों ने किया है. पुलिस के मुताबिक, परिवार ने पहले भी विवाद को लेकर अलग-अलग अधिकारियों के पास आवेदन दिए थे. अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि क्या हत्या का संबंध इन्हीं विवादों से है.

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सुबह की सैर पर निकले थे राम पुकार सिंह, रास्ते में घेरकर मारी गोली

यह वारदात आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में जैन कॉलेज के समीप हुई. मृतक की पहचान बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी 72 वर्षीय राम पुकार सिंह के रूप में हुई है. वह लंबे समय से कनकपुरी मोहल्ले में मकान बनाकर रह रहे थे. कस्टम विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे. मिली जानकारी के मुताबिक, राम पुकार सिंह सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे. घर से करीब 150 मीटर की दूरी पर बाइक सवार नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और गोलीबारी शुरू कर दी. गोली लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. सुबह-सुबह हुई इस हत्या से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने के बाद नवादा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की.

जमीन विवाद के दो पहलुओं की जांच कर रही पुलिस

मामले की जांच के दौरान पुलिस को जमीन विवाद से जुड़े दो अलग-अलग पहलुओं की जानकारी मिली है. घटनास्थल का निरीक्षण करने और मृतक के परिवार से बातचीत के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिजनों ने पहले से चले आ रहे विवादों का जिक्र किया है. परिवार की ओर से इस संबंध में अलग-अलग अधिकारियों के पास आवेदन भी दिए गए थे.
पुलिस के मुताबिक, एक अन्य जमीन विवाद को लेकर भी राम पुकार सिंह का किसी व्यक्ति के साथ विवाद था. फिलहाल जांच एजेंसियां इन सभी पहलुओं को जोड़कर देख रही हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हत्या की असली वजह जमीन विवाद ही है या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी है.

पुलिस अधिकारी और अन्य लोगों के नाम का भी जिक्र, जांच का भरोसा

इस मामले में बातचीत के दौरान एक पुलिस अधिकारी और कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आने को लेकर भी सवाल पूछे गए. इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ आरोप सामने आएंगे, उनकी जांच की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोप किसी पुलिसकर्मी पर हो या किसी अन्य व्यक्ति पर, जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सामने आना अपने आप में उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है. फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने और ठोस साक्ष्य सामने आने का इंतजार है.

सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच से मिलेगी मदद

पुलिस घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. इसके जरिए हमलावरों की संख्या, उनके आने-जाने के रास्ते और वारदात के बाद भागने की दिशा का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से एमटी कार्ट और एक पिलेट बरामद हुआ है. साक्ष्यों की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की मदद भी ली जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.

अब किन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस?

राम पुकार सिंह की हत्या के मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि हमलावरों ने उन्हें क्यों निशाना बनाया. क्या हत्या की वजह पहले से चला आ रहा जमीन विवाद था? क्या वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी थी? और क्या सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की पहचान हो पाएगी? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे. पुलिस परिवार के बयानों, जमीन विवाद से जुड़े पुराने आवेदनों, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. अब देखना होगा कि इस हत्याकांड में पुलिस कब तक आरोपियों तक पहुंच पाती है और हत्या की असली वजह क्या निकलकर सामने आती है.