बिहार के अररिया जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी के पास अमोना गांव के रहने वाले नवी हुसैन की चाकू से गोदकर और सिर कलम कर हत्या कर दी गई है. इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव और गम का माहौल है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
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मजदूरी कर परिवार पालता था नवी
नवी हुसैन पेशे से पिकअप चालक थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. ग्रामीणों के अनुसार, नवी का स्वभाव बहुत मिलनसार था और गांव में कभी उनका किसी से झगड़ा नहीं हुआ था. नवी के पीछे उनकी पत्नी, तीन छोटी बेटियां और दो बेटे हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और नवी ही घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे.
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के मुताबिक, नवी हुसैन हर रोज की तरह शुक्रवार तड़के करीब 2 बजे घर से अपनी पिकअप लेकर मंडी के लिए निकले थे. उन्हें पसमतिथिया से सामान लाकर मंडी पहुंचाना था. सुबह करीब 8-9 बजे गांव वालों को खबर मिली कि नवी की हत्या कर दी गई है. हत्यारे ने बड़ी ही बेरहमी से नवी के शरीर को चाकू से गोद डाला और उनका सिर काटकर अलग फेंक दिया.
ग्रामीणों का आरोप और पुलिस की कार्रवाई
अमोना गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ी साजिश है. लोगों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. ग्रामीणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी है उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई बड़ा नेता पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा.
इलाके में तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस कैंप कर रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है.
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