बीते कुछ दिनों में नाबालिग बच्चों जिसमें खासकर नाबालिग लड़कियों को लेकर कई खौफनाक मामले सामने आए है. इसी बीच बिहार के औरंगाबाद से भी नाबिलग बच्चियों का एक मामला सामने आया था जिसमें 5 बच्चियों ने जहर खा लिया था. 5 में 4 बच्चियों की जान मौके पर ही चली गई थी लेकिन एक की जान बच गई थी. अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसमें की आखिरकार पता चल गया है कि नाबालिग लड़कियों ने जहर क्यों खाया था. आइए विस्तार से जानते है पूरा मामला और अब तक क्या कुछ हुआ है खुलासा.
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क्या है पूरा मामला?
मामला औरंगाबाद के हसपुरा थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव से सामने आया है जो कि 29 जनवरी(गुरुवार) का बताया जा रहा है. इसी गांव की रहने वाली 5 नाबालिग लड़कियां जिनकी उम्र 15-16 साल बताई जा रही है, उन्होंने गांव के पास तालाब किनारे जाकर जहर खा लिया था. इसके बाद 5 में 4 लड़कियां वहीं पास के गेहूं के खेत में चली गई जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. जबकि एक लड़की अपने घर चली आई और उसने परिजनों को सारी जानकारी दी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया.
परिजनों ने रातों-रात कर दिया दाह-संस्कार
वहीं जब बाकी 4 लड़कियों के परिजनों को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने एकमत होकर रातों-रात अपनी बेटियों के शव को जला दिया और सब अपने घर को लौट गए जैसे कुछ हुआ ही नहीं है. वहीं इस घटना को इस कदर दबाया की मामले का खुलासा 31 जनवरी(शनिवार) को हुआ. मामले की जानकारी जैसे ही पुलिस महकमे को लगी तो वहां भी हड़कंप मच गया.
नाम न छापने की शर्त पर एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि चारों बच्चियों की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई के भय से एक ही जगह अंतिम संस्कार कर दिया. जब इस मामले में पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस घटना को लेकर जानकारी नहीं होने की बात कही.
मौके पर पहुंची पुलिस, लेकिन...
मामले की जानकारी मिलते ही हसपुरा थाना पुलिस ने मामले की पुष्टि को लेकर सैदपुर भेजा लेकिन कोई जानकारी हाथ नहीं लगी. मामला बढ़ने पर खुद दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास सैदपुर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत करने की कोशिश की. लेकिन गांव से किसी ने कुछ भी बोलने से इनकार ही कर दिया जिससे की पुलिस के सामने बड़ी चुनौती आ गई.
लड़की ने खुद बताई पूरी कहानी
अब मामले में SDPO अशोक कुमार दास ने एक बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि 5 में से जो 1 बच्ची बच गई थी उससे पूछताछ की गई है. SDPO ने बताया की लड़की ने पूरे मामले को बयां करते हुए कहा कि, 'कुछ लड़के दोस्त के साथ हम लोग सरस्वती पूजा के दिन घूम रहे थे. घर लौटने के दौरान परिजनों में हमें देखा और फिर डांट फटकार लगाई. इसी बात से गुस्सा होकर हम लोगों ने खेत में जाकर जहर खा लिया.' SDPO ने आगे बताया कि, यह बच्ची घर चली आई और इसके भाभी ने नीम के पत्ते का रस पिलाया जिससे उलटी हुई और यह बच गई.
मामले की हो रही जांच
SDPO अशोक कुमार दास ने बताया है कि उन्होंने बच्ची का बयान न्यायालय में दर्ज करा दिया है. साथ ही घटनास्थल से जो जहरीला पदार्थ मिला है उसकी जांच की जा रही है और रिपोर्ट अभी तक नहीं मिला है. साथ ही इस मामले में हर एंगल से जांच की जा रही है.
पहले भी आया था इस तरह का मामला
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी जिले के रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र के चिरैला गांव में 9 अप्रैल 2022 को एक साथ 6 सहेलियों ने जहर खा लिया था, जिसमें पांच की मौत हो गई थी. उस वक्त घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया था और इसकी चर्चा जिले में ही नहीं पूरे देश में हुई थी.
यहां देखें बयान
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