डॉक्टर बनने के लिए किडनी बेचने का दावा करने वाले आयुष की सच्चाई, बेगूसराय से सामने आई चौंकाने वाली कहानी

कानपुर में किडनी बेचने का दावा करने वाले बेगूसराय के आयुष की सच्चाई सामने आई है. उसने गरीबी नहीं, बल्कि नशे और प्रेम प्रसंगों के कारण अपनी 15 बीघा जमीन बेच डाली. उसकी हरकतों से दुखी पिता पहले ही अपनी जान दे चुके हैं.

Ayush kidney case
Ayush kidney case

सौरभ कुमार

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बिहार के बेगूसराय जिले से सामने आई आयुष की कहानी ने पूरे देश को चौंका दिया था. डॉक्टर बनने के लिए किडनी बेचने का दावा करने वाले आयुष की सच्चाई अब धीरे-धीरे खुल रही है. गांव के लोगों और परिजनों के मुताबिक, उसकी जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आए, जिन्होंने इस पूरे मामले को और भी उलझा दिया है.

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गांव का रहने वाला है आयुष

आयुष बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड के औगान गांव का निवासी है. गांव के लोग बताते हैं कि वह साल 2021 के बाद से कभी वापस नहीं लौटा है. आयुष ने 2015 में इंटरमीडिएट प्रथम 
श्रेणी से पास किया था. उसके पिता राजेश चौधरी चाहते थे कि बेटा डॉक्टर बने. इसके लिए उसे विशाखापट्टनम के एक कोचिंग संस्थान में दाखिला भी दिलाया गया.

पढ़ाई के दौरान प्रेम प्रसंग

कोचिंग के दौरान आयुष का ध्यान पढ़ाई से भटक गया. उसकी मुलाकात एक लड़की से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया. इसके बाद वह पढ़ाई छोड़कर बार-बार घर आने लगा.
गांव लौटने के बाद आयुष गलत संगत में पड़ गया. दोस्तों के साथ रहकर उसने नशे की आदत भी अपना ली. इससे परिवार की चिंता बढ़ गई.

2017 में पिता राजेश चौधरी ने बेटे की आदतों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया.

15 बीघा जमीन बेच डाली

पिता की मौत के कुछ ही महीनों बाद आयुष ने अपने हिस्से की करीब 15 बीघा जमीन बेचनी शुरू कर दी. इस पैसे को उसने दोस्तों और अपने शौक पूरे करने में खर्च कर दिया.

एयर होस्टेस से शादी फिर तलाक

इसी दौरान उसे यूपी की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हो गया. 2018 में उसे अपने साथ गांव ले आया. यहां जब वह 15-20 दिन लड़की के साथ रहा तो आस-पास के लोगों ने शादी करने का दबाव बनाया. जिसके बाद आयुष ने अपनी प्रेमिका दीपा के साथ देवघर में जाकर शादी किया,

फिर गांव आकर रहने लगा. शादी के 3 महीने के तक गांव में रहने के दौरान आयुष ने जमकर जमीन बेचा और दोस्तों के साथ खूब खर्च किया. फिर प्रेमिका से पत्नी बनी लड़की जब यहां से भागी तो वापस नहीं आई. 2021 में वह गांव आया तो रहना चाहा, लेकिन छोटे भाई ने घर में रखने और खाना देने से इनकार किया. 

घर से भी मिला ठुकराव

इसके बाद आयुष गांव छोड़कर चला गया और तब से उसका कोई संपर्क नहीं है. गांव में आयुष की विधवा मां रीता देवी अकेले रह रही हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि आयुष को अपनी मां की स्थिति से कोई मतलब नहीं है. आयुष ने कानपुर में पुलिस को किडनी बेचने की बात बताई थी, जिससे वह सुर्खियों में आया. लेकिन अब सामने आ रहा है कि उसकी कई बातें सच नहीं थीं.

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