Bankipur By-Election: प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में चली बड़ी चाल, बीजेपी को हराने और जन सुराज को जिताने के बताए 3-3 कारण

न्यूज तक डेस्क

• 03:58 PM • 08 Jul 2026

Bankipur By Election: बिहार के बांकीपुर उपचुनाव को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी और एनडीए पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है. उन्होंने जनता के सामने बीजेपी को हराने के तीन प्रमुख कारण गिनाए और जन सुराज को जिताने के लिए भ्रष्टाचार मुक्त विकास, जवाबदेही और दीर्घकालिक विज़न जैसे तीन बड़े वादे किए.

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बिहार में होने वाले बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर तीखा हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने जनता के सामने बेहद स्पष्ट शब्दों में तीन ऐसी वजहें रखी हैं, जिसके आधार पर उन्होंने लोगों से बीजेपी के खिलाफ मतदान करने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने खुद को और जन सुराज को जिताने के लिए भी तीन बड़े वादे किए हैं. प्रशांत किशोर का दावा है कि बांकीपुर का यह उपचुनाव बिहार की पूरी राजनीतिक व्यवस्था को बदलने का दम रखता है.

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सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद से हटाने का सुनहरा मौका

प्रशांत किशोर ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि चाहे कोई राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का समर्थक हो या बीजेपी का, बिहार में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो सम्राट चौधरी को सूबे के नेतृत्वकर्ता या मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहता हो. उन्होंने कहा कि लोग सम्राट चौधरी के चाल, चरित्र और चेहरे की वजह से उन्हें इस पद से हटाना चाहते हैं.

पीके ने कहा कि भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बिना जनता की सलाह के उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया हो, लेकिन बांकीपुर उपचुनाव में जनता के हाथ में एक बहुत बड़ा हथियार है. अगर बांकीपुर की जनता ईवीएम पर बीजेपी के खिलाफ बटन दबाती है, तो दिल्ली तक यह संदेश जाएगा कि उनका चेहरा और उनकी नीतियां बिहार के लोगों को स्वीकार्य नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि यदि जनता एकजुट होकर बीजेपी को हराती है, तो सालभर के भीतर सम्राट चौधरी को अपनी कुर्सी खाली करनी पड़ेगी.

अमित शाह के सामने नीतीश कुमार का हाथ जोड़ना और बीजेपी का अहंकार

बीजेपी पर हमला जारी रखते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह अहंकार हो गया है कि उन्हें कोई हरा ही नहीं सकता. इस घमंड का उदाहरण देते हुए उन्होंने हालिया शपथ ग्रहण समारोह का जिक्र किया, जहां प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे. पीके ने कहा कि नीतीश कुमार जो पिछले 20 सालों से बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं और पूरे प्रदेश के नेता हैं, वह अमित शाह के सामने हाथ जोड़कर खड़े थे, लेकिन अमित शाह अपनी कुर्सी से खड़े तक नहीं हुए.

इसके अलावा प्रशांत किशोर ने बीजेपी के एक नेता के बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब उनसे जन सुराज और प्रशांत किशोर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अहंकार में कहा कि बांकीपुर बीजेपी का ऐसा मजबूत किला है जहां वे कुत्ता-बिल्ली को भी खड़ा कर देंगे तो जनता उन्हें ही वोट देगी. पीके ने कहा कि जिन मतदाताओं के दम पर बीजेपी मजबूत हुई है, उन्हें ही वह बंधुआ मजदूर और अज्ञानी समझ रही है. इसलिए इस अहंकार को तोड़ने के लिए बीजेपी के खिलाफ वोट देना जरूरी है.

सांसदों और विधायकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने की लड़ाई

प्रशांत किशोर ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर जनता की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी और एनडीए से जीते हुए सांसद और विधायक चुनाव जीतने के बाद कभी जनता से मिलने या उनका काम करने नहीं आते. एनडीए के 202 विधायक और जितने भी सांसद हैं, वे सब यह मानकर बैठे हैं कि अब पांच साल तक उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है. पीके ने तर्क दिया कि जब बांकीपुर की जनता इस बार बीजेपी के खिलाफ वोट देगी, तो सत्ता में बैठे सभी 202 विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के मन में यह डर पैदा होगा कि बिहार की जनता जाति और धर्म से ऊपर उठकर उन्हें हरा भी सकती है. इस एक वोट से पूरी राजनीतिक व्यवस्था में जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही बढ़ेगी.

भ्रष्टाचार मुक्त विकास और प्रशांत किशोर के तीन बड़े वादे

बीजेपी को हराने के कारणों को गिनाने के बाद प्रशांत किशोर ने जनता को यह भी बताया कि उन्हें जन सुराज और प्रशांत किशोर को क्यों चुनना चाहिए. उन्होंने पहला वादा करते हुए कहा कि उनके जीतने पर जनता इस बात के लिए पूरी तरह निश्चिंत हो जाए कि कोई एक व्यक्ति ऐसा होगा जो बिना किसी लालच या डर के, देश और बिहार के सामने जनता के हक की बात पूरी मजबूती से उठाएगा.

दूसरे वादे के तौर पर उन्होंने कहा कि उनके प्रभाव क्षेत्र और उनके अंतर्गत आने वाली किसी भी विकास योजना या कार्यक्रम में कोई भी अधिकारी भ्रष्टाचार नहीं कर सकेगा, वह भ्रष्टाचार मुक्त काम की पूरी गारंटी देते हैं. तीसरे वादे में उन्होंने कहा कि उनके साथ दुनिया भर के जितने भी विशेषज्ञ जुड़े हुए हैं, उनकी मदद से बांकीपुर को देश के अन्य विकसित शहरों की तरह बनाने के लिए अगले 15-20 साल का एक बेहतरीन विकास मॉडल और विज़न तैयार किया जाएगा, जिसके कुछ हिस्सों को तुरंत धरातल पर लागू भी किया जाएगा.

तीन साल का खून-पसीना और अगले तीन हफ्तों की चुनौती

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के प्रबुद्ध और शिक्षित मतदाताओं से सोच-समझकर निर्णय लेने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों से उन्होंने बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया है. हालांकि जनता ने उनकी बातों को पसंद किया, लेकिन वह विश्वास और व्यवस्था अब तक पूरी तरह नहीं बन पाई है.

पीके ने जनता में जोश भरते हुए कहा कि जो काम वह अकेले तीन साल में नहीं कर सके, उसे बांकीपुर की जनता अगले तीन हफ्तों में करके दिखा सकती है. अगर बांकीपुर की जनता जन सुराज को जिताती है, तो बिहार के भीतर एक नई राजनीतिक व्यवस्था, नए समीकरण और एक नए सामाजिक परिवेश का श्रीगणेश हो जाएगा.