बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. लेकिन इस चुनाव से जुड़ा एक दिलचस्प सच यह है कि कई बड़े दिग्गज नेता, जिनमें जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हैं, बांकीपुर के रण में खुद अपना वोट नहीं डाल सकेंगे. आखिर क्यों बड़े-बड़े दिग्गज बांकीपुर में मतदान करने से चूक रहे हैं? आइए समझते हैं इसके पीछे का पूरा गणित.
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प्रशांत किशोर खुद को नहीं दे पाएंगे वोट
जन सुराज के बैनर तले बांकीपुर से चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर अपनी ही किस्मत का फैसला वोटिंग मशीन का बटन दबाकर नहीं कर पाएंगे. इसकी वजह यह है कि प्रशांत किशोर बांकीपुर या पटना जिले के वोटर ही नहीं हैं. उनका नाम रोहतास जिले के करगहर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज है.
नितिन नवीन भी लिस्ट से बाहर
बांकीपुर सीट से विधायक रहे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस बार यहां वोट नहीं डाल पाएंगे. हालांकि वे पटना के ही मूल निवासी हैं और उनके पिता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा का पुराना आवास बांकीपुर क्षेत्र में ही आता था, लेकिन वर्तमान में नितिन नवीन मिलर स्कूल ग्राउंड के पास रहते हैं. यह इलाका दीघा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी नहीं डाल पाएंगे वोट
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का गृह जिला मुंगेर है. वह मुंगेर के तारापुर से विधायक हैं और वहीं के पंजीकृत मतदाता हैं. पूर्व सीएम नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव सहित लालू परिवार के सदस्य भी दीघा विधानसभा क्षेत्र के वोटर हैं, इसलिए वे भी बांकीपुर में मतदान नहीं कर सकते.
बांकीपुर में किसके बीच है कड़ा मुकाबला?
भारतीय जनता पार्टी का गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है. भले ही ये दिग्गज नेता बांकीपुर के वोटर लिस्ट में शामिल न हों, लेकिन इस त्रिकोणीय मुकाबले में अपनी-अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए सभी ने पूरी ताकत झोंक दी है. अब देखना यह होगा कि बांकीपुर की जनता किस पर अपना भरोसा जताती है.
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