'40 साल उन्हें दिए, 4 साल मुझे देकर देखें'...बांकीपुर उपचुनाव में BJP के गढ़ में सेंध लगाने उतरीं RJD की रेखा गुप्ता

अनिकेत कुमार

• 04:39 PM • 08 Jul 2026

Bankipur By Election: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता ने भाजपा के गढ़ में जीत का दावा करते हुए जनता से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा, '40 साल उन्हें दिए, 4 साल मुझे देकर देखें.' रेखा गुप्ता ने जातीय समीकरण, वैश्य समाज की भूमिका, कानून व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी और स्थानीय विकास के मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा.

RJD Candidate Bankipur
RJD Candidate Bankipur
Google CTA

बिहार की राजधानी पटना की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है. इस सीट पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जहां अभिषेक कुमार उर्फ बंटी सिंह को मैदान में उतारा है, वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज भी पहली बार इस चुनावी रण में अपनी ताकत झोंक रही है. इन सबके बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बार फिर अपनी पुरानी प्रत्याशी रेखा गुप्ता पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट थमाया है. टिकट मिलने के बाद 'बिहार तक' से खास बातचीत में रेखा गुप्ता ने अपनी जीत का दावा करते हुए भाजपा और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा है.

Read more!

RJD ने लगातार दूसरी बार जताया भरोसा

रेखा गुप्ता ने करीब 8 से 9 महीने के भीतर दोबारा टिकट मिलने पर अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल ने उन पर जो विश्वास और सम्मान दिखाया है, वह उस पर सौ फीसदी खरी उतरने की पूरी कोशिश करेंगी. उन्होंने कहा कि पिछली हार के अंतर को पाटने के लिए वह पूरी तरह तैयार हैं और इस बार बांकीपुर की जनता पूरी तरह से बदलाव के मूड में आ चुकी है.

बांकीपुर के जातीय समीकरण पर बड़ा दावा

बांकीपुर सीट को पारंपरिक रूप से भाजपा का गढ़ और कायस्थ बहुल माना जाता रहा है, जहां से नितिन नवीन और उनके पिता नवीन सिन्हा सालों से चुनाव जीतते आ रहे हैं. इस समीकरण को नकारते हुए रेखा गुप्ता ने दावा किया कि बांकीपुर असल में एक वैश्य बहुल क्षेत्र है और यहां सबसे बड़ी आबादी वैश्य समाज की है. उन्होंने कहा कि जिस समुदाय (कायस्थ) को यहां निर्णायक बताया जाता है, उनकी संख्या अब मुश्किल से 10 हजार के अंदर सिमट चुकी है क्योंकि कई लोग और खुद यहां के पूर्व विधायक भी क्षेत्र छोड़कर जा चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा वैश्य समाज को सिर्फ एक समर्पित वोटर की तरह इस्तेमाल किया लेकिन उन्हें कभी उनका हक और प्रतिनिधित्व नहीं दिया, जबकि आरजेडी ने लगातार दूसरी बार एक वैश्य और अति पिछड़ा समाज की बेटी को टिकट देकर सम्मान दिया है.

त्रिकोणीय मुकाबले और प्रशांत किशोर की एंट्री पर प्रतिक्रिया

चुनावी मैदान में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के उतरने से मुकाबला कड़ा होने के सवाल पर रेखा गुप्ता ने बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वह बांकीपुर की ही मूल निवासी हैं और बाकरगंज दलदली रोड में उनका घर है. साल 2015 से वह क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं और पिछला चुनाव हारने के बाद भी वह लगातार जनता के बीच बनी रही हैं.

उन्होंने साफ किया कि लोकतंत्र में कई पार्टियां और प्रत्याशी चुनाव लड़ते हैं, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि वैश्य समाज, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और वंचित वर्ग इस बार आरजेडी के साथ एकजुट खड़ा है. उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि जहां लोगों ने दूसरों को 40 साल दिए हैं, वहीं अपनी इस बेटी को सिर्फ 4 साल देकर देखें.

स्थानीय समस्याएं और बदहाल कानून व्यवस्था

क्षेत्र के विकास के दावों को खारिज करते हुए आरजेडी उम्मीदवार ने बांकीपुर की बदहाली के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिरी इलाके में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है और मीठापुर मंडी का जो ब्रिज टूटा था, वह आज तक नहीं बन पाया है. रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि यहां के जनप्रतिनिधियों ने सिर्फ अपना, अपने परिवार का और अपनी पार्टी का विकास किया है और जनता को मूर्ख बनाया है.

इसके अलावा उन्होंने पटना में चरमरा चुकी कानून व्यवस्था, हाल ही में सामने आए अपहरण के मामलों और गली-चौराहों पर धड़ल्ले से बिक रहे सूखे नशे (स्मैक/ड्रग्स) को लेकर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि नशे की चपेट में आने से युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और इसी वजह से अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है, जिससे महिलाएं पूरी तरह असुरक्षित हो चुकी हैं.

पेपर लीक और युवाओं का डिप्रेशन बनेगा चुनावी मुद्दा

इंटरव्यू के दौरान रेखा गुप्ता ने बिहार के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े 'पेपर लीक' मामले को इस उपचुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बताया. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकारें बंगाल जैसे संवेदनशील इलाकों में हजारों-लाखों सुरक्षाकर्मी भेजकर अपनी जीत तो सुनिश्चित कर लेती हैं, लेकिन बिहार के बच्चों का भविष्य बचाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं.

उन्होंने कहा कि बिहार के अधिकांश घरों के बच्चे मेडिकल (NEET) या इंजीनियरिंग (JEE) की तैयारी करते हैं, लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक की वजह से आज का युवा डिप्रेशन और घोर निराशा में चला गया है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बांकीपुर विधानसभा पूरे बिहार का दिल है और यहां की जनता इस उपचुनाव के जरिए सरकार के भ्रष्टाचार और पेपर लीक के तंत्र के खिलाफ शंखनाद कर आईना दिखाने का काम करेगी.