बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से पहले बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है. सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस अब RJD से दूरी बनाकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के साथ नई राजनीतिक संभावनाएं तलाश रही है? इसकी वजह कांग्रेस की ओर से RJD और तेजस्वी यादव पर लगातार किए जा रहे तीखे हमले हैं.
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RJD पर कांग्रेस के हमलों ने बढ़ाई चर्चा
बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर RJD और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि RJD के अंदर ही ये चर्चा चल रही है कि क्या तेजस्वी यादव ने BJP के साथ किसी तरह की डील कर रखी है. असित नाथ तिवारी का आरोप है कि बांकीपुर उपचुनाव में RJD ने कांग्रेस को सहयोगी दल के तौर पर महत्व नहीं दिया और चुनाव प्रचार में पार्टी का इस्तेमाल तक नहीं किया.
उन्होंने ये भी दावा किया कि मतदान के बाद मिले राजनीतिक फीडबैक से पता चला है कि RJD के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) वोट बैंक में भी बिखराव देखने को मिला है. उनके मुताबिक अगर तेजस्वी यादव अपने कोर वोट बैंक को ही एकजुट नहीं रख पा रहे हैं तो ये महागठबंधन के लिए चिंता का विषय है. कांग्रेस प्रवक्ता ने ये भी कहा कि तेजस्वी यादव की गठबंधन राजनीति में पर्याप्त रुचि दिखाई नहीं दे रही है.
असित नाथ तिवारी ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया.उन्होंने कहा कि उस चुनाव में भी करीब 10 सीटों पर कांग्रेस और RJD के बीच फ्रेंडली फाइट जैसी स्थिति बनी थी. जिससे गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल पर सवाल उठे थे.
हालांकि, असित नाथ तिवारी के ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं. RJD ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और पार्टी की ओर से पहले ही इन दावों का खंडन किया जा चुका है.
प्रशांत किशोर को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?
राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि प्रशांत किशोर पहले कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि विचारधारा के स्तर पर वो कांग्रेस के अधिक करीब हैं. वहीं बांकीपुर उपचुनाव के दौरान भी ऐसी चर्चाएं रहीं कि कांग्रेस समर्थकों के एक वर्ग ने RJD की बजाय प्रशांत किशोर का समर्थन किया. हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
क्या बदल सकता है बिहार का राजनीतिक समीकरण?
अगर बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों में प्रशांत किशोर मजबूत प्रदर्शन करते हैं, तो बिहार की विपक्षी राजनीति में नए समीकरण बनने की अटकलें और तेज हो सकती हैं. कांग्रेस के हालिया बयानों ने भी इन चर्चाओं को हवा दी है.
क्या सच में बदलने वाला है जोड़ीदार?
फिलहाल ये कहना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस RJD से अलग होकर जन सुराज के साथ जाने की तैयारी कर रही है. अब तक कांग्रेस, जन सुराज या प्रशांत किशोर की ओर से किसी संभावित गठबंधन या राजनीतिक समझ को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. इसलिए इसे फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं और कयासों के तौर पर ही देखा जा रहा है. मतगणना के बाद आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम तय करेंगे कि ये चर्चा सिर्फ अटकल साबित होती है या बिहार की राजनीति में किसी नए समीकरण की शुरुआत.
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