Bankipur ByElection: प्रशांत किशोर का नाम सुनते ही उखड़े लोग, बीजेपी के काम की तारीफ, आरजेडी से कांटे की टक्कर!

अनिकेत कुमार

• 07:51 PM • 19 Jul 2026

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 'बिहार तक' की ग्राउंड रिपोर्ट में जनता का झुकाव विकास कार्यों के दम पर बीजेपी की ओर दिख रहा है, जबकि आरजेडी से उनकी कांटे की टक्कर है.

प्रशांत किशोर को लेकर जनता ने क्या कहा?
प्रशांत किशोर को लेकर जनता ने क्या कहा?
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बिहार की सियासत में इन दिनों बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव सबसे हॉट टॉपिक बना हुआ है. मतदान की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे पटना की गलियों में चुनावी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. नेता जी लोग जनता के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन बांकीपुर के वोटर्स के मन में क्या चल रहा है?

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यह जानने के लिए 'बिहार तक' की टीम ने ग्राउंड पर जाकर सीधे आम जनता से बातचीत की. इस बातचीत में जो बातें निकलकर सामने आईं, उसने यह साफ कर दिया है कि यहां का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है, साथ ही चुनावी मैदान में नई-नई उतरी प्रशांत किशोर (PK) की पार्टी को लेकर भी लोगों ने अपनी बेबाक राय रखी है.

कौन प्रशांत किशोर? हम तो घर भी नहीं जानते उनका!

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान जब लोगों से पूछा गया कि क्या प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी इस चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर कर पाएगी? तो इस पर स्थानीय निवासी राजेश वर्मा ने सीधे शब्दों में तंज कसते हुए कहा, "भाई, हम तो यह भी नहीं जानते कि बांकीपुर में प्रशांत किशोर का घर कहां है? उन्हें इस इलाके का भूगोल (चौहद्दी) भी पता है या नहीं, भगवान जाने! वो तो बस चुनाव लड़ने चले आए हैं."

वहीं एक अन्य वोटर विमल कुमार ने उन्हें एक 'बिजनेसमैन' की तरह देखने की बात कही. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर केवल राजनीतिक भ्रम पैदा करते हैं. वे कभी नीतीश कुमार, कभी पीएम मोदी, तो कभी ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू के लिए चुनावी रणनीति (मैनेजमेंट) बनाते रहे हैं. जनता का तो यहां तक कहना है कि वे 'बरसाती मेंढक' की तरह हैं, जो सिर्फ चुनाव के वक्त दिखते हैं और बाद में गायब हो जाते हैं.

क्या आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक में लगेगी सेंध?

बांकीपुर के मुस्लिम बाहुल्य इलाके सब्जी बाग के रहने वाले मोहम्मद अबुल कलाम ने चुनावी समीकरणों को लेकर एक बड़ी बात कही. उनका मानना है कि इस बार आरजेडी के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक में बिखराव देखने को मिल सकता है.

कलाम ने कहा, "लालू जी का जमाना अब पुराना हो गया, वो काफी समय से सक्रिय राजनीति से दूर हैं. अब प्रशांत किशोर एकदम नए विकल्प के तौर पर आए हैं. ऐसे में आरजेडी और प्रशांत किशोर के बीच मुस्लिम समाज का वोट बंटना तय है. हालांकि, नई पार्टी होने की वजह से लोग थोड़ा फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. असली तस्वीर तो आने वाले 10-15 दिनों में ही साफ होगी."

बीजेपी के 'विकास' पर जनता को भरोसा

भले ही आरजेडी और प्रशांत किशोर की पार्टियां जोर-आजमाइश कर रही हों, लेकिन बांकीपुर की सड़कों पर बीजेपी का पलड़ा काफी भारी दिख रहा है. आम जनता का साफ कहना है कि उनका मुकाबला केवल आरजेडी से है, प्रशांत किशोर तो रेस में कहीं टिकते ही नहीं हैं.

स्थानीय लोगों ने पूर्व विधायक नितिन नवीन के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की लंबी लिस्ट गिना दी:

  • पटना स्टेशन का अंडरपास: जिससे राहगीरों, खासकर महिलाओं को आने-जाने में बड़ी राहत मिली है.
  • डबल डेकर फ्लाईओवर: जिसने पीएमसीएच (PMCH) और साइंस कॉलेज की तरफ जाने वाले रास्ते को जाम से पूरी तरह मुक्त कर दिया है.
  • नालों का पक्कीकरण: मंदिरी और दलदली नाले का कायाकल्प होने से जलजमाव की समस्या दूर हुई है.

हर गली-मोहल्ले में पक्की सड़कें, स्ट्रीट लाइट्स और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था.

बीजेपी समर्थकों और स्थानीय लोगों का दावा है कि उनके उम्मीदवार नीरज जी सिर्फ और सिर्फ विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं और नितिन नवीन के अधूरे कामों को पूरा करने का वादा कर रहे हैं. जनता का मूड देखकर तो यही लगता है कि 3 तारीख को होने वाले मतदान में बीजेपी यहां क्लीन स्वीप करने की तैयारी में है. अब देखना होगा कि बांकीपुर का ऊंट किस करवट बैठता है.