बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव से ठीक पहले पटना की सियासत बेहद गरमा गई है. तेज प्रताप यादव की पार्टी (राष्टीय देव सेना/समर्थित दल) की ओर से प्रत्याशी बनाई गईं सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस ड्रामे और पुलिसिया कार्रवाई के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीणा मानवी ने सरकार और विपक्ष दोनों पर जमकर भड़ास निकाली है और कई बड़े आरोप लगाए हैं.
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बिना वारंट और बिना कागजात के मुझे गाड़ी में बिठाया
वीणा मानवी ने पटना पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह अवैध और मानसिक प्रताड़ना करार दिया. उन्होंने बताया, "जैसे ही मैं अपनी पूरी टीम के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंची, अचानक प्रशासन के लोग वहां आ गए और कहने लगे कि मैडम आप पर अरेस्ट वारंट है. जब मैंने उनसे एफआईआर की कॉपी या अरेस्ट वारंट के कागजात मांगे तो उनके पास कुछ नहीं था. वे सिर्फ यही कहते रहे कि ऊपर से आदेश है." समर्थकों के गुस्से और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वीणा खुद पुलिस की गाड़ी में बैठ गईं.
मेडिकल टेस्ट के नाम पर घंटों घुमाने का आरोप
वीणा मानवी का आरोप है कि पुलिस का इरादा सिर्फ उन्हें परेशान करना और उनके नामांकन में बाधा डालना था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पुलिस गाड़ी में करीब दो घंटे तक पटना की सड़कों पर घुमाया गया. मेडिकल टेस्ट के नाम पर उन्हें पीएमसीएच (PMCH) ले जाने के बजाय गायघाट और मरीन ड्राइव की ओर ले जाया गया. वीणा मानवी के अनुसार, "पुलिस वाले पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड के सामने गाड़ी खड़ी करने के बजाय अस्पताल परिसर के ही गोल-गोल चक्कर काटते रहे ताकि दोपहर के 2:30 बज जाएं. वे सोच रहे थे कि किसी तरह 3 बज जाएं ताकि नामांकन का समय खत्म हो जाए और मैं पर्चा दाखिल न कर सकूं."
हालांकि, वीणा मानवी ने कहा कि वह पहले ही सुबह 10 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुकी थीं, जिसके कारण प्रशासन की यह योजना धरी की धरी रह गई.
"बीजेपी मेरा नामांकन रद्द कराने की साजिश रच रही है"
वीणा मानवी ने आशंका जताई है कि सत्ता पक्ष उनका नामांकन किसी भी कीमत पर रद्द कराना चाहता है. उन्होंने कहा, "बीजेपी मेरा नामांकन रद्द कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. अगर निर्वाचन आयोग पूरी ईमानदारी से काम करेगा और देश की न्यायिक व्यवस्था जीवित है, तो मेरा नामांकन किसी भी कीमत पर रद्द नहीं होना चाहिए."
डीजीपी को फोन करने के बाद मिली गांधी मैदान थाने में एंट्री
अपनी हिरासत के दौरान वीणा ने सीधे बिहार के डीजीपी (DGP) को फोन मिलाया. उन्होंने दावा किया कि डीजीपी साहब को इस पूरी अरेस्टिंग की कोई भनक तक नहीं थी. डीजीपी के दखल और ऊपर से आए किसी फोन के बाद पुलिस ने उन्हें गांधी मैदान थाने में रखा.
वीणा मानवी ने तंज कसते हुए कहा, "मैं जानना चाहती हूं कि वो कौन सा 'ऊपर वाला' है जिसके इशारे पर यह सब हो रहा है? क्या यह वही ऊपर वाले हैं जो बिहार में एनकाउंटर करवाते हैं और जिनके आने से बिहार की कानून व्यवस्था बिखर गई है?"
आरजेडी और सोशल मीडिया ट्रोल्स पर भी बोला हमला
वीणा मानवी ने केवल सत्ता पक्ष पर ही नहीं, बल्कि विपक्षी दल आरजेडी (RJD) पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर पेड ट्रोल्स और आरजेडी की महिला नेताओं द्वारा चरित्र हनन (Character Assassination) की मुहिम चलाई जा रही है ताकि किसी भी तरह उनकी पार्टी की छवि खराब की जा सके.
वीणा मानवी ने अंत में भावुक होते हुए कहा, "एक साधारण सामाजिक कार्यकर्ता और महिला से ये बड़े-बड़े नेता इतना घबरा क्यों गए हैं? महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली सरकारों का असली चेहरा बिहार की जनता देख रही है."
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