Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं. इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर लगातार यह चर्चा चल रही है कि जनसुराज पार्टी की ओर से यहां से कौन चुनावी मैदान में उतरेगा? क्या प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ेंगे या फिर मनीष कश्यप को मौका मिलेगा? इन तमाम सवालों को लेकर जनसुराज के नेता मनीष कश्यप ने खुलकर अपनी बात रखी है. बिहार तक से खास बातचीत में मनीष कश्यप ने पार्टी की तैयारियों से लेकर अपने चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है.
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प्रशांत किशोर या मनीष कश्यप: कौन होगा बांकीपुर से उम्मीदवार?
मनीष कश्यप ने बांकीपुर सीट से उम्मीदवारी को लेकर स्थिति साफ करते हुए कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता और वे खुद चाहते हैं कि जनसुराज के शीर्ष नेता प्रशांत किशोर वहां से चुनाव लड़ें. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी के नाम का ऐलान नहीं किया गया है.
जब मनीष कश्यप से पूछा गया कि अगर प्रशांत किशोर उन पर भरोसा जताते हैं और उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहते हैं, तो उनका क्या फैसला होगा? इस पर मनीष कश्यप ने कहा कि प्रशांत जी और पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वे उसके साथ हैं. वे तन-मन-धन से पार्टी के फैसले को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे, लेकिन उनकी पहली पसंद यही है कि प्रशांत किशोर खुद विधानसभा जाएं और बिहार की जनता की आवाज बनें.
बांकीपुर की एक सीट से क्या बदलेगा?
मनीष कश्यप का मानना है कि बांकीपुर की इस एक सीट से न तो बीजेपी की सरकार चली जाएगी और न ही कांग्रेस या महागठबंधन की सरकार बन जाएगी. इससे किसी को कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन बिहार को असली फर्क तब पड़ेगा जब जनसुराज का एक विधायक जीतकर विधानसभा में बैठ जाएगा. मनीष कश्यप ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र पटना और बिहार का दिल है.
इसमें डाक बंगला चौराहा, फ्रेजर रोड, गांधी मैदान, बोरिंग रोड, विधानसभा और पीएमसीएच जैसे बेहद वीआईपी इलाके आते हैं. इसके बावजूद इस क्षेत्र में जनता ट्रैफिक जाम, खराब ड्रेनेज सिस्टम और बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों की समस्या से जूझ रही है. यहां आए दिन चोरियां होती हैं. अगर जनसुराज का विधायक यहां से जीतता है, तो वह न सिर्फ बांकीपुर बल्कि पूरे बिहार की समस्याओं को विधानसभा में मजबूती से उठाएगा.
जनता से अपील: 'पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें'
मनीष कश्यप ने बांकीपुर की जनता से हाथ जोड़कर भावुक अपील की है. उन्होंने एक पुराने विज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि 'पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें'. उन्होंने जनता से कहा कि 243 सीटों में से 242 सीटें तो आपने दूसरी पार्टियों को दे ही दी हैं, बस एक सीट जनसुराज की झोली में डालकर देखिए. अगर जनसुराज का विधायक आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है, तो 2029 के लोकसभा चुनाव में आप हमें इग्नोर कर दीजिएगा, जैसा कि जनता ने 2025 के चुनाव में किया था जब जनसुराज को जीरो सीटें मिली थीं. मनीष कश्यप ने चुनौती देते हुए कहा कि इतनी बड़ी बात कहने की हिम्मत न तो बीजेपी में है, न आरजेडी में और न ही जेडीयू या कांग्रेस में है. उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस बार जाति और धर्म के समीकरण से ऊपर उठकर वोट करें.
बीजेपी और महागठबंधन के लिए कितनी बड़ी चुनौती?
बांकीपुर सीट को लेकर मनीष कश्यप ने दावा किया कि इस बार का चुनाव बीजेपी के लिए काफी मुश्किल और कॉम्प्लिकेटेड होने वाला है. उन्होंने कहा कि सालों से यह सीट बीजेपी के पास रही है, लेकिन इस बार जनसुराज के मैदान में होने से मुकाबला कड़ा होगा. वहीं महागठबंधन को लेकर उन्होंने तीखा तंज कसा. मनीष कश्यप ने कहा कि पिछले 30-40 सालों से महागठबंधन कभी भी बांकीपुर में रेस में रहा ही नहीं है और वहां के लोग उन्हें सामान्य तौर पर स्वीकार नहीं करते हैं.
उन्होंने यह पूरी तरह से जनता के विवेक पर छोड़ दिया कि महागठबंधन के वोटर जनसुराज को सपोर्ट करेंगे या नहीं. उन्होंने तमिलनाडु के नेता विजय का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 3 महीने मेहनत की और सीएम बन गए, जबकि प्रशांत किशोर ने 3 साल मेहनत की फिर भी लोगों ने मजाक उड़ाया. मनीष कश्यप ने कहा कि अगर 2025 में जनता ने जनसुराज को पांच विधायक भी दिए होते, तो आज बिहार में कानून-व्यवस्था और घोटालों की स्थिति कुछ और होती.
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