Bankipur upchunav: प्रशांत किशोर गठबंधन करेंगे या नहीं? PK ने कैमरे पर खुद बता दी अपनी पूरी रणनीति

न्यूज तक डेस्क

• 05:30 PM • 07 Jul 2026

Bankipur upchunav: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है. RJD ने फिर से रेखा कुमारी गुप्ता पर दांव लगाया है, जबकि भाजपा अपने गढ़ को बचाने की तैयारी में है. दूसरी तरफ, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. अब सबकी नजर 3 अगस्त के नतीजों पर है.

प्रशांत किशोर ने बता दी अपनी रणनीति
प्रशांत किशोर ने बता दी अपनी रणनीति
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Bankipur Assembly By Election: बिहार की सबसे चर्चित माने जाने वाली बांकीपुर विधानसभा  के उपचुनाव का बिगुल बज चुका है. इस हाई-प्रोफाइल सीट पर सोमवार 6 जुलाई से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रत्याशी 13 जुलाई तक अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे. वहीं 16 जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. बांकीपुर की जनता 30 जुलाई को अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी. इसके बाद 3 अगस्त को ये फैसला हो जाएगा कि  इस सियासी जंग का विजेता कौन होगा.

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RJD का रेखा गुप्ता पर दोबारा भरोसा

बांकीपुर के चुनावी रण को जीतने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी बिसात बिछा दी है. RJD ने लगातार दूसरी बार रेखा कुमारी गुप्ता को मैदान में उतारा है. पिछले मुख्य चुनाव में भी पार्टी ने उन पर भरोसा जताया था. यहां उन्होंने कड़ी टक्कर देते हुए 46,363 वोट हासिल किए थे और वो दूसरे नंबर पर रही थीं. RJD को पूरी उम्मीद है कि पिछले चुनाव के मजबूत प्रदर्शन और क्षेत्र में उनकी पकड़ का फायदा इस बार जरूर मिलेगा.

राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो बांकीपुर सीट को पारंपरिक रूप से कायस्थ बहुल क्षेत्र माना जाता है. हालांकि, यहां वैश्य समाज के मतदाताओं की तादाद भी निर्णायक भूमिका में है. रेखा कुमारी गुप्ता वैश्य समाज की तेली जाति से ताल्लुक रखती हैं, ऐसे में RJD ने इस सामाजिक समीकरण को साधने के लिए उन पर बड़ा दांव लगाया है.

त्रिकोणीय मुकाबले में फंसा पेंच?

इस बार बांकीपुर का उपचुनाव सिर्फ एक सीट का मुकाबला नहीं रह गया है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मैदान में जन सुराज की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो चुका है. जहां भारतीय जनता पार्टी  अपने इस पुराने गढ़ को हर हाल में बचाने की कोशिश करेगी.  वहीं RJD अपने पुराने प्रदर्शन को जीत में बदलने के लिए मुस्तैद है. दूसरी तरफ, प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने भी इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोंककर इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है.

यह व्यवस्था बदलने की लड़ाई' - प्रशांत किशोर

बांकीपुर उपचुनाव के बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है. प्रशांत किशोर ने साफ किया कि उनकी पार्टी चुनाव से पहले या चुनाव के बाद किसी भी दल के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, "हमारा गठबंधन सिर्फ बिहार में बदलाव लाने और पलायन को रोकने की सोच के साथ है. विधायक या सांसद बनना हमारा मकसद कभी नहीं था."

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के चुनाव को सरकार बनाने या गिराने से अलग बताते हुए कहा कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए यह तय करने का मौका है कि बिहार को नई राजनीतिक दिशा की जरूरत है या नहीं. उन्होंने सीधे तौर पर मौजूदा सरकार पर हमला बोल. पीके कहा कि अगर इस चुनाव में उनके सामने वाली व्यवस्था जीतती है तो माना जाएगा कि जनता को सम्राट चौधरी का नेतृत्व स्वीकार है. लेकिन यदि वे हारते हैं तो भाजपा नेतृत्व को इस पर आत्मचिंतन करना होगा कि उनका चाल, चरित्र और चेहरा जनता को मंजूर नहीं है. ऐसे में उन्हें बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत है.

कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

सूबे के लॉ एंड ऑर्डर पर तीखा हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब आप दागी या आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को नेतृत्व सौंप देते हैं तो अपराध मुक्त समाज की कल्पना करना बेमानी हो जाता है. उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को अब यह समझना होगा कि वे जो बोएंगे वही काटेंगे. बहरहाल, 3 अगस्त को आने वाले चुनावी नतीजे ही साफ करेंगे कि बांकीपुर की जनता किस करवट बैठती है.

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