Bankipur By Election: वोटिंग से एक दिन पहले प्रशांत किशोर पर FIR !, नीतीश कुमार के Video को फर्जी बताना पड़ा भारी

ऋचा शर्मा

29 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 29 2026 12:48 PM)

बांकीपुर उपचुनाव की वोटिंग से एक दिन पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना के शास्त्री नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई है. जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने नीतीश कुमार के वीडियो को AI Generated बताने पर कार्रवाई की मांग की है.

NewsTak
Google CTA

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग से ठीक एक दिन पहले जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पटना के शास्त्री नगर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. शिकायत जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार की ओर से दी गई है.

Read more!

नीरज कुमार ने की कार्रवाई की मांग

शिकायत दर्ज कराने के बाद जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चुनावी वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया फर्जी वीडियो बताया है. उन्होंने इसे नीतीश कुमार का अपमान बताते हुए पूरे मामले की विधिसम्मत जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है. इस दौरान नीरज कुमार के साथ जेडीयू के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप जनता को भ्रमित करने की कोशिश हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

नीतीश कुमार के वीडियो में क्या था?

एनडीए की ओर से जारी चुनावी वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में मतदान की अपील की थी. वीडियो में उन्होंने कहा था कि जनता के सहयोग से पिछले दो दशकों में विकास की गति को आगे बढ़ाया गया है और इस विकास यात्रा को जारी रखने के लिए भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देना जरूरी है.

प्रशांत किशोर ने क्या कहा था ?

प्रशांत किशोर ने इस वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि ये वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है. उनका कहना था कि यह नीतीश कुमार का वास्तविक वीडियो नहीं है और न ही इसमें सुनाई देने वाला बयान उनका है.उन्होंने ये भी कहा कि वीडियो को ध्यान से देखने पर एडिटिंग के संकेत साफ दिखाई देते हैं. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए चुनाव प्रचार में AI के इस्तेमाल का आरोप लगाया था.

वोटिंग से पहले बढ़ी सियासी हलचल

बांकीपुर उपचुनाव के मतदान से ठीक पहले दर्ज हुई इस एफआईआर ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.