बांकीपुर उपचुनाव में NDA की करारी हार के बाद दिल्ली में पीएम मोदी और नीतीश कुमार की हाई-लेवल बैठक

आशीष अभिनव

• 01:01 PM • 04 Aug 2026

बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की करारी हार के बाद दिल्ली में हलचल तेज..प्रशांत किशोर की जीत के बाद पीएम मोदी, नीतीश कुमार और संजय झा के बीच हुई अहम बैठक..जानिए पूरा अपडेट.

PM Modi Nitish Kumar
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बिहार की राजनीति में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के आए नतीजों ने सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है. चुनावी झटके के ठीक 24 घंटे के भीतर पीएम मोदी से पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मुलाकात की है. 

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बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर

दशकों से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर एनडीए को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इस चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी ने लगभग 20,000 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. प्रशांत किशोर की इस जीत को बिहार की राजनीति में बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना जा रहा है. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के आए नतीजों ने सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है. चुनावी झटके के ठीक 24 घंटे के भीतर पीएम मोदी से पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मुलाकात की है.

दिल्ली में पीएम मोदी और नीतीश कुमार की अहम बैठक

चुनावी झटके के ठीक 24 घंटे के भीतर दिल्ली में सियासी हलचल काफी तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे.

क्या हैं इस मुलाकात के राजनीतिक मायने?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार की इस अचानक हुई मुलाकात का मुख्य एजेंडा बांकीपुर के अप्रत्याशित नतीजे और बिहार में एनडीए के भविष्य की रणनीति तैयार करना है. प्रशांत किशोर की इस बड़ी जीत को राज्य में एक नए और मजबूत राजनीतिक विकल्प के उदय के रूप में देखा जा रहा है. अब देखना यह होगा कि इस हार से सबक लेकर एनडीए गठबंधन आने वाले समय में अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है.

3 दशकों बाद ढहा BJP का मजबूत किला

बांकीपुर सीट का इतिहास काफी अहम रहा है. साल 1995 के बाद यह पहला मौका है जब भारतीय जनता पार्टी को इस विधानसभा सीट पर हार का मुंह देखना पड़ा है. गौरतलब है कि यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. ऐसे में इस परंपरागत सीट को बचाना एनडीए के लिए साख का बड़ा सवाल बन गया था, लेकिन नतीजों ने सभी राजनीतिक समीकरणों को ध्वस्त कर दिया.

हार के बाद उठने लगे सवाल, अनंत सिंह ने भी जताई चिंता

बांकीपुर में मिली करारी हार के बाद एनडीए गठबंधन के भीतर ही बयानबाजी और आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है. चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गैर-मौजूदगी को लेकर पार्टी के अंदरूनी हलकों में सवाल उठने लगे हैं. जेडीयू (JDU) विधायक अनंत सिंह ने भी सार्वजनिक रूप से इस पर अपनी चिंता व्यक्त की है और हार के कारणों को लेकर बेबाक बयान दिया है.