बांकीपुर में प्रशांत किशोर की आंधी, नितिन नवीन, रविशंकर और रामकृपाल के बूथों पर भी उखड़े बीजेपी के पांव

हर्षिता सिंह

04 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 4 2026 2:02 PM)

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के हाथों बीजेपी का सूपड़ा साफ! नितिन नवीन, सांसद रविशंकर प्रसाद और मंत्री रामकृपाल यादव के अपने-अपने बूथ पर भी हार गई बीजेपी। पढ़ें हार की पूरी इनसाइड स्टोरी।

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पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सिर्फ शिकस्त ही नहीं दी, बल्कि पार्टी के सबसे मजबूत माने जाने वाले किले के परखच्चे उड़ा दिए हैं. 

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प्रशांत किशोर ने बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों के भारी अंतर से हराकर इतिहास रच दिया.  लेकिन इस हार का सबसे खौफनाक और चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि बीजेपी अपने ही उन दिग्गज नेताओं के पोलिंग बूथों पर चुनाव हार गई, जिनके दम पर पार्टी पूरे बिहार की सियासत साधने का दावा करती है!

31 में से 30 राउंड में मिली शर्मनाक मात!

बांकीपुर सीट पर कुल 31 राउंड की मतगणना हुई. चुनाव नतीजों के आंकड़े इतने एकतरफा रहे कि 31 में से 30 राउंड में प्रशांत किशोर आगे रहे, जबकि बीजेपी के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा केवल एक राउंड में बढ़त बना सके. 
 प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार महज 44,827 वोटों पर ही सिमट कर रह गए. 

 1. नितिन नवीन का 'बचपन वाला बूथ': 

बीजेपी से दोगुना वोट ले गए PKजिस बांकीपुर सीट पर पिछले तीन दशकों (1995 से) से नितिन नवीन और उनके पिता स्व. नवीन किशोर सिन्हा का एकछत्र राज था, उसी सीट के कदमकुआं पीरमुहानी इलाके में नितिन नवीन का बचपन बीता है.  उपचुनाव के प्रचार खत्म होने से ठीक पहले नितिन नवीन ने इसी इलाके के बरनवाल भवन में 'मन की बात' कार्यक्रम सुना था और घर-घर जाकर जनसंपर्क किया था. लेकिन नतीजे आए तो सब सन्न रह गए— नितिन नवीन के इस बूथ पर बीजेपी को महज 88 वोट मिले, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज को 152 वोट पड़े! यानी अपने ही गढ़ में बीजेपी से दोगुने वोट पीके ले उड़े.

  2. सांसद रविशंकर प्रसाद के बूथ पर भी पिछड़ी 'कमल' की पंखुड़ी

पटना साहिब के बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के पटना वीमेंस कॉलेज स्थित बूथ संख्या-91 पर अपना मतदान किया था.  जब इस बूथ की ईवीएम खुली तो बीजेपी प्रत्याशी को 89 वोट मिले, जबकि प्रशांत किशोर को 91 वोट मिले. यानी रविशंकर प्रसाद के अपने पोलिंग बूथ पर भी बीजेपी 2 वोटों से हार गई.  

3. रामकृपाल यादव के बूथ पर भी जन सुराज की जीत

बिहार सरकार में मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता रामकृपाल यादव के बूथ का हाल भी अलग नहीं रहा. रामकृपाल यादव ने जिस बूथ पर वोट डाला, वहां भी बीजेपी को 89 वोट और जन सुराज को 91 वोट मिले. रामकृपाल यादव भी अपने बूथ पर कमल नहीं खिला सके.  

सीएम सम्राट चौधरी और नितिन नवीन के लिए बड़ा सियासी झटका

बिहार की सत्ता पर काबिज बीजेपी के लिए यह हार किसी गहरे जख्म से कम नहीं है. प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोनों के लिए पद संभालने के बाद यह पहला चुनावी इम्तिहान था, और दोनों ही अपने पहले ही टेस्ट में फेल हो गए.  आरएसएस (RSS) के कैडर और बीजेपी के विशाल संगठन के बावजूद प्रशांत किशोर की रणनीति के आगे बीजेपी पूरी तरह पस्त नजर आई. बांकीपुर की यह हार साबित कर रही है कि जनता का गुस्सा अब सिर्फ पार्टी उम्मीदवार से नहीं, बल्कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और उसकी कार्यशैली से भी है!