बेगूसराय में बेटी की मौत का मुआवजा मांगने पहुंची मां से मांगी घूस, 4 हजार लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार

आशीष अभिनव

• 03:26 PM • 07 Aug 2026

बेगूसराय में गंडक नदी में डूबी बच्ची की मौत का मुआवजा देने के एवज में रिश्वत ले रहे क्लर्क सोनू कुमार को पटना विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दुखी मां से आपदा राहत के 4 लाख रुपये के बदले मांगी जा रही थी घूस

Begusarai
सांकेतिक तस्वीर
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कहते हैं जब किसी मां-बाप के सिर पर दुखों का पहाड़ टूटता है, तो वे सिस्टम से हमदर्दी की उम्मीद करते हैं. लेकिन बेगूसराय में भ्रष्ट तंत्र का ऐसा अमानवीय चेहरा सामने आया है, जिसने इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया. गंडक नदी में डूबी मासूम बच्ची की मौत के बाद सरकार से मिलने वाली 4 लाख रुपये की आपदा राहत राशि के लिए एक लाचार मां भटकती रही, और दफ्तर में बैठा क्लर्क उससे घूस वसूलने में लगा रहा. अंततः पटना विजिलेंस (निगरानी विभाग) की टीम ने अंचल कार्यालय में तैनात लिपिक सह नाजिर सोनू कुमार को 4,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा.

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अक्टूबर 2025 का वो काला दिन और सिस्टम का सितम

मामला बेगूसराय प्रखंड के चांदपुरा गांव का है. अक्टूबर 2025 में छठ पर्व के 'नहाए-खाए' के दिन दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. आपदा प्रबंधन विभाग के नियमानुसार पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि मिलनी थी. दुखी मां दौलती देवी महीनों तक अंचल कार्यालय के चक्कर काटती रही, लेकिन बिना 'सुविधा शुल्क' के फाइल आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया गया.

8 हजार से सौदा शुरू, 4 हजार पर अड़ा क्लर्क

अंचल कार्यालय में पदस्थापित लिपिक सह नाजिर सोनू कुमार ने बेबस मां से मुआवजा स्वीकृत कराने के नाम पर 8,000 रुपये की घूस मांगी. बेहद गरीब परिवार की दौलती देवी ने बार-बार हाथ जोड़े, अपनी गरीबी का वास्ता दिया, लेकिन क्लर्क का दिल नहीं पसीजा. काफी मिन्नतों के बाद सौदा 4,000 रुपये में तय हुआ. थक-हारकर पीड़िता ने 30 जुलाई को पटना जाकर विजिलेंस विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई.

विजिलेंस का बिछाया जाल और रंगे हाथ गिरफ्तारी

निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया और आरोप सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की. योजना के मुताबिक, शुक्रवार को जैसे ही दौलती देवी ने अंचल कार्यालय में क्लर्क सोनू कुमार को केमिकल लगे 4,000 रुपये दिए, पहले से घात लगाकर बैठी पटना विजिलेंस की टीम (जिसकी अगुवाई डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद कर रहे थे) ने उसे दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद प्रखंड सह अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया.