बिहार के बेगूसराय जिले से सामने आई युवती के साथ दरिंदगी और बेरहमी से मारपीट के मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. पूरी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से ही मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. पुलिस ने भी घटना को गंभीरता से लिया है और दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक मामले के दोनों ही आरोपी आपस में जीजा-साला है. इसी बीच मामले में पीड़िता का आवेदन लिखने वाले वकील और भाजपा नेता अमरेंद्र कुमार अमर ने इस घटना की पूरी डिटेल बताई है. आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर कैसे घर से निकली युवती होटल तक कैसे पहुंची और फिर ब्लू डायमंड के कमरे नंबर 203 में आखिर क्या-कुछ हुआ?
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3-4 महीनों पहले ही रची गई साजिश!
घटना बताते हुए भाजपा नेता सह अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि, इस पूरे मामले की साजिश पिछले 3-4 महीनों से रची जा रही थी. दरअसल, मुख्य आरोपी रोहित पीड़ित युवती के ननिहाल का रहने वाला है, वहीं दूसरा आरोपी विक्रम कुमार पीड़िता के मोहल्ले में रहता है और वह रोहित का बहनोई है. वहीं पीड़िता जीविका दीदी के स्वयं सहायता समूह में काम करती है और इसी दौरान उसकी दोनों ही आरोपियों से बातचीत शुरू हुई.
AI से बनाया अश्लील वीडियो, बात करने के दबाव
बातचीत शुरू होने के कुछ ही दिन बाद रोहित ने पीड़िता को एक फेक AI से बना अश्लील वीडियो भेजा और फिर बातचीत करने का दवाब बनाने लगा. लेकिन पीड़िता ने उसकी एक नहीं सुनी और बातचीत करने को तैयार नहीं हुई. वहीं रोहित अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था और लगातार फेक वीडियोज बनाकर बात करने का दवाब बना रहा था.
घर से निकली पीड़िता कैसे पहुंची होटल?
इसी बीच, 27 सितंबर को जब पीड़िता अपने घर से स्वयं सहायता समूह के किसी के लिए निकली तो विक्रम वहां पहुंच गया. बताया जा रहा है कि विक्रम और रोहित ने पहले से ही प्लानिंग कर रखी थी और इसी वजह से विक्रम घात लगाए बैठा था. जैसे ही पीड़िता अपने घर से थोड़ी दूर पहुंची तो विक्रम अपनी बाइक से वहां पहुंच गया और रास्ते में आगे छोड़ने की बात कही. पीड़िता उसके झांसे में आ गई और उसके साथ बैठ गई. फिर विक्रम उसे नेशनल हाइवे पर स्थित होटल ब्लू डायमंड लेकर पहुंच गया.
सुलह की बात करने गई थी पीड़िता?
जब विक्रम और पीड़िता होटल ब्लू डायमंड पहुंचे तो वहां पर मुख्य आरोपी रोहित पहले से ही मौजूद था. विक्रम ने पीड़िता को होटल ब्लू डायमंड पर उतार दिया और फिर रोहित के साथ सुलह करने की बात कही. पीड़िता यहां भी दोनों की झांसे में आ गई और विक्रम वहां से चला गया. फिर रोहित पीड़िता को होटल के अंदर कमरा नंबर 203 में लेकर चला गया.
कमरा नंबर 203 में क्या-कुछ हुआ?
अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि, पीड़िता को कमरे में ले जाते ही रोहित का व्यवहार अचानक से बदल गया और उसने मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान रोहित ने पीड़िता को लात-घूसों और चप्पलों से पिटाई की. रोहित की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी और उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया. पीड़िता ने इस दौरान अपनी जान बचाने के लिए खुद को बाथरूम में बंद किया, नहीं तो आरोपी रोहित उसकी जान भी ले सकता था.
रोहित ने मोबाइल फोन भी तोड़ दिया
रोहित ने इस पूरी घटना का वीडियो जीविका समूह के ग्रुप में डालकर वायरल कर दिया. इसके बाद खुद को बचाने के लिए उसने पीड़िता का मोबाइल फोन तोड़ दिया, क्योंकि इस फोन में उसके भेजे गए अश्लील AI वीडियोज थे. हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद मामला खुला. वहीं इस मामले में पुलिस की लापरवाही की बात भी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, 28 सितंबर को पीड़िता दिन भर थाने के चक्कर लगाती रही लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. फिर एसपी के निर्देश के बाद देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई.
पुलिस गिरफ्त में दोनों आरोपी
हालांकि मामले दर्ज होते ही पुलिस-प्रशासन एक्टिव हुई और बड़ी कार्रवाई करते हुए पहले विक्रम कुमार को पकड़ लिया. फिर विक्रम से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने मुख्य आरोपी रोहित की तलाशी तेज कर दी. रोहित की गिरफ्तारी के लिए STF, SIT और पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही थी. इस बीच पुलिस को सूचना मिली की रोहित समस्तीपुर जिले के मोहद्दीनगर बाजार में छिपा हुआ है और वहां से फरार होने की कोशिश में है. फिर प्रशासन ने इलाके में घेराबंदी की थी तो रोहित वहां से भागने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया और फिर बेगूसराय के लिए वहां से निकली. इस दौरान रास्ते में गाड़ी की स्पीड कम होते ही उसने कूदकर भागने की कोशिश की, जहां उसके पैर में चोट भी लगी और फिर पुलिस ने उसे पकड़ लिया.
बेगूसराय होटल कांड: मुख्य आरोपी रोहित सहनी गिरफ्तार, पुलिस से भागने की कोशिश में घायल
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