बेगूसराय दुष्कर्म मामले में बड़ी कामयाबी, 2 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी रामू महतो की तलाश तेज!

बेगूसराय में महिला के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पुलिस ने दो आरोपियों (नीतीश कुमार और अमर निषाद) को गिरफ्तारी कर लिया है. उनके पास से अवैध हथियार व बाइक की बरामद किए गए हैं.

महिला के साथ दुष्कर्म करने वाला गिरफ्तार
महिला के साथ दुष्कर्म करने वाला गिरफ्तार

सौरभ कुमार

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बिहार के बेगूसराय में महिला के साथ हुई बर्बरता और गैंगरेप के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. विशेष जांच दल (SIT) की ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक नामजद आरोपी नीतीश कुमार को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे अप्राथमिक अभियुक्त अमर निषाद को स्थानीय चकिया दियारा इलाके से दबोचा गया है.

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रविवार की शाम दोनों आरोपियों का बेगूसराय सदर अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

शराब के नशे में दी थी वारदात को अंजाम

पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने इस खौफनाक वारदात में शामिल होने की बात कबूल कर ली है. जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपियों में से एक नीतीश कुमार ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि वह घटना के वक्त शराब के भारी नशे में था. उसने रामू महतो और अन्य बदमाशों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था. वारदात के बाद वह मोटरसाइकिल से फरार हो गया था.

हथियार और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद

बेगूसराय के एसपी मनीष ने बताया कि नीतीश कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से एक अवैध हथियार (पिस्तौल) और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा, नीतीश जिस बाइक से वारदात के बाद भागा था, उसे मुख्य आरोपी रामू महतो के घर से बरामद कर लिया गया है. पुलिस को नीतीश कुमार का एक हथियार लहराते और फायरिंग करते हुए वीडियो भी मिला है, जिसके आधार पर एक अलग मामला दर्ज किया गया है और पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी.

क्या है पूरा मामला?

यह दिल दहला देने वाली घटना 11 जून की रात को हुई थी. पांच बदमाशों ने महिला के पति को उसी के घर में बंधक बना लिया था और फिर महिला के साथ गैंगरेप किया. हैवानियत की हदें पार करते हुए बदमाशों ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में कारतूस, लकड़ी और पत्थर के टुकड़े डाल दिए थे.

इस मामले में पुलिस पर शुरुआत में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए डीआईजी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव कुमार को सस्पेंड कर दिया था. मामले ने तब और तूल पकड़ा जब 18 जून को एसआईटी (SIT) का गठन किया गया. इसके बाद पुलिस की टीमें बिहार और देश के अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही थीं.

मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि

एसपी मनीष ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच में भी गैंगरेप की पुष्टि हो चुकी है. पीड़िता ने पुलिस को घटनाक्रम की जो जानकारी दी थी, गिरफ्तार आरोपियों के बयान से भी उसकी पूरी पुष्टि होती है. दोनों ही आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है; इनमें से एक पर ट्रेन में चोरी और दूसरे पर मारपीट व फायरिंग का मामला पहले से दर्ज है.

फिलहाल, पुलिस की कई टीमें मुख्य आरोपी रामू महतो समेत बाकी फरार बदमाशों की तलाश में बिहार के अंदर और बाहर लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द ही बाकी बचे आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा.

 

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