बेतिया में 10 हजार घूस मांगने का वीडियो वायरल, क्लर्क पर गिरी गाज

अभिषेक पाण्डेय

• 04:40 PM • 04 Oct 2026

बेतिया के मझौलिया अंचल कार्यालय में जमीन काम के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने पर डीएम तरनजोत सिंह ने लिपिक रविभूषण प्रसाद श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

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बिहार में भ्रष्टाचार पर कड़े एक्शन के बीच बेतिया के मझौलिया अंचल कार्यालय से रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है. अंचल कार्यालय में तैनात लिपिक का घूस लेने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है. पश्चिम चंपारण के जिला पदाधिकारी (DM) तरनजोत सिंह ने वायरल वीडियो पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आरोपी लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जिला जनसंपर्क कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी आधिकारिक पुष्टि की है.

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क्या है वायरल वीडियो में?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो मझौलिया अंचल कार्यालय के निम्नवर्गीय लिपिक रविभूषण प्रसाद श्रीवास्तव के दफ्तर कक्ष का है. वीडियो में लिपिक अपने कमरे में किसी व्यक्ति से बातचीत करते दिख रहे हैं और उनके पास खड़ा एक व्यक्ति उन्हें रुपए थमाता नजर आ रहा है. वीडियो के ऑडियो और बातचीत से साफ जाहिर होता है कि जमीन से जुड़े किसी काम की एवज में लिपिक द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की गई है. प्रशासनिक स्तर पर इसे गंभीर और संज्ञेय अपराध माना गया है.

DM तरनजोत सिंह का त्वरित एक्शन, भेजे गए गौनाहा

जैसे ही वायरल वीडियो का मामला जिला प्रशासन के पास पहुंचा, डीएम तरनजोत सिंह ने प्रथम दृष्टया आरोप को गंभीर पाते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी कर दिया. 

  • नियमावली के तहत कार्रवाई: लिपिक के खिलाफ बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है.
  • मुख्यालय बदला: निलंबन की पूरी अवधि के दौरान आरोपी लिपिक का मुख्यालय गौनाहा प्रखंड तय किया गया है.

ऑडियो ट्रांसक्रिप्ट तैयार करने और जांच के निर्देश

प्रशासन ने मामले को केवल निलंबन तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि पूरे प्रकरण की कानूनी व विभागीय जांच तेज कर दी है:

  • ट्रांसक्रिप्ट का निर्देश: मझौलिया के अंचल अधिकारी (CO) को निर्देश दिया गया है कि वे वायरल वीडियो की पूरी बातचीत का लिखित ट्रांसक्रिप्ट तैयार करें.
  • आरोप पत्र का गठन: अंचल अधिकारी को पूरे मामले की जांच रिपोर्ट के साथ औपचारिक आरोप पत्र (Charge Sheet) गठित कर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), बेतिया के माध्यम से उपलब्ध कराने को कहा गया है.

प्रशासनिक जांच में अब वीडियो की सत्यता और घूसखोरी के इस पूरे खेल में शामिल अन्य कड़ियों की गहराई से जांच की जा रही है. बेतिया प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अंचल कार्यालयों में हड़कंप मच गया है.

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