भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: परिजन को सरकारी नौकरी और मुआवजा, CM सम्राट ने की घोषणा

आशीष अभिनव

• 04:22 PM • 13 Aug 2026

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को अब आर्थिक सहायता के साथ-साथ एक परिजन को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी.

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला:
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भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को अब आर्थिक सहायता के साथ-साथ एक परिजन को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी. 

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सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में महीनों से इंसाफ की गुहार लगा रहे परिवार के सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है. सीएम ने परिवार के लिए आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी. सीएम ने लिखा कि ''न्यायिक जांच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी''

कब का है मामला?

17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद से ही पूरा बिहार सवालों में घिरा रहा. परिवार ने आरोप लगाया कि सरेंडर के बावजूद भरत को गोली मारी गई, जबकि पुलिस ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया. मामला इतना गरमाया कि पटना हाईकोर्ट तक पहुंचा, मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी किए, और आखिरकार सरकार को रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की निगरानी में न्यायिक जांच के आदेश देने पड़े. 

 अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर फैसला 

अब उसी न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिए ऐलान किया है कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को सरकार आर्थिक सहायता देगी, साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी मिलेगी. महीनों से न्याय की आस में बैठे परिवार के लिए ये फैसला एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर उस रात बिलौटी गांव में हुआ क्या था. 

जिम्मेदारों पर भी गिरेगी गाज?

सरकार की यह घोषणा भले ही परिवार के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश हो, लेकिन असली सवाल अब भी अनुत्तरित है. क्या न्यायिक जांच की पूरी रिपोर्ट भरत तिवारी की मौत की सच्चाई सामने लाएगी, और क्या इंसाफ सिर्फ मुआवजे तक सीमित रहेगा या जिम्मेदारों पर भी गिरेगी गाज?