भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में फिर हुई बड़ी कार्रवाई, FIR दर्ज होने के बाद अब इस पुलिस अधिकारी पर गिरी गाज!

Bharat Tiwari Encounter Case Update: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस मुख्यालय ने जगदीशपुर के SDPO राजेश शर्मा को पद से हटा दिया है. इससे पहले भरत तिवारी की मां की शिकायत पर एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. बिलौटी गांव में महापंचायत से पहले हुई इस कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. जानिए पूरा घटनाक्रम.

Bharat Tiwari Encounter Case Update
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शशि भूषण कुमार

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भोजपुर के शाहपुर से सामने आए भरत तिवारी के एनकाउंटर मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इसने प्रदेश की राजनीति, प्रशासन और पुलिस महकमे में भी हलचल तेज कर रखी है. इसी बीच बीते कल यानी मंगलवार को भरत की मां के आवेदन के आधार पर पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज हुई थी और अब आज होने वाले महापंचायत से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है. पुलिस मुख्यालय ने कड़ा फैसला लेते हुए जगदीशपुर के SDPO राजेश शर्मा को पद से हटा दिया है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.

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महापंचायत से पहले बड़ा फैसला

भोजपुर के बिलौटी गांव में आज यानी बुधवार को भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर महापंचायत बुलाई गई है. लेकिन लोगों के बीच बढ़ते आक्रोश को देखते हुए इस महापंचायत से पहले ही राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय की सक्रियता बढ़ गई है. मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद एक्शन लिया गया और जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी(SDPO) राजेश शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. राजेश शर्मा को अगले आदेश तक पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है. उनकी जगह अब पंकज मिश्रा को जगदीशपुर का नया SDPO बनाया गया है.

मंगलवार को पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुई थी FIR

बीते कल यानी मंगलवार को इस मामले में पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है. भरत तिवारी के मां के आवेदन के आधार पर शाहपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था. इस FIR के आधार पर तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO) राजेश मालाकार समेत एनकाउंटर में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया. परिजनों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि भरत तिवारी की मौत पुलिस कार्रवाई नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या है. इसी शिकायत के आधार पर अलग-अलग गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

बिलौटी गांव में महापंचायत का आयोजन

भरत तिवारी के गांव बिलौटी में आज बड़ी महापंचायत बुलाई गई है, जो कि कुंडेश्वर महादेव मंदिर के पास आयोजित है. इस महापंचायत में स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और भरत तिवारी के समर्थकों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. दरअसल मामले को लेकर गांव का माहौल पूरी तरह गर्म है और लोगों का साफ कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक सवाल खत्म नहीं होंगे.

आखिर कौन थे भरत भूषण तिवारी?

भरत भूषण तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव के रहने वाले थे. 28 साल के भरत तिवारी की पहचान किसी राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि समाज सेवी के रूप में थी. वह लगातार सोशल मीडिया के माध्यमों से सड़क, बिजली और आम जनों को समस्या को उजागर करते थे और उसके समाधान के लिए भी जी-जान लगाते थे. भरत विशेष तौर पर सोन नदी के किनारे बसे गांव के लोगों की समस्याओं को जोर-शोर से उठाते थे.

भरत तिवारी को लेकर उनके गांव के लोगों का कहना है कि उनकी वजह से ही गांव में आज सड़क और बिजली जैसी सुविधाएं आई है. वह गरीबों, दलितों और विस्थापित परिवारों की आवाज बन चुके थे और उनके मुद्दों के लिए हमेशा मुखर रहते थे. हालांकि कई बार उनके वीडियो और पोस्ट में प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर की गई टिप्पणी बेहद आक्रमक भी मानी गई और उन्होंने कड़े शब्दों का भी प्रयोग किया था.

सरकार के मंत्री से लेकर विपक्ष, सभी उठा रहे सवाल!

इस मामले को लेकर राज्य की राजनीतिक गलियारों का पारा भी काफी हाई हो गया है. बिहार सरकार के मंत्री से लेकर विपक्ष के नेता भी सवाल उठा रहे है. मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस मामले में कहा था कि सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और पुलिस की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी. वहीं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लापरवाही दिखाई देती है, इसलिए कार्रवाई की गई है. वहीं तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह पूरी तरह फेक एनकाउंटर है और सीएम सम्राट चौधरी से माफी की भी मांग की.

न्यायिक जांच पर टिकी सबकी नजरें!

अब इस मामले में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हुई है कि आखिर न्यायिक जांच में क्या-कुछ सामने आता है. एक तरफ पुलिस की कार्रवाई है और वहीं दूसरी तरफ परिजन-ग्रामीण गंभीर आरोप लगा रहे हैं. हालांकि FIR दर्ज होने के बाद SDPO को हटाया गया है, लेकिन अब इसके महापंचायत पर कितना असर पड़ेगा यह देखना है.

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, इन पुलिसवालों पर FIR दर्ज

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