बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की हलचल तेज हो गई है. राज्य के दो निर्दलीय विधान पार्षदों (MLC) ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है. बीजेपी में शामिल होने वाले इन दोनों नेताओं में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीते राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले बंशीधर ब्रजवासी शामिल हैं.
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राहुल राज की हुई घर वापसी
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले राहुल राज की एक बार फिर से पार्टी में वापसी हुई है. इससे पहले उन्होंने एनडीए गठबंधन के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.
बीजेपी में वापसी से पहले राहुल राज ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी, इस दौरान सांसद राजीव प्रताप रूडी भी उनके साथ मौजूद थे. मुलाकात के बाद राहुल राज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी गठबंधन या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि वैचारिक मतभेदों के चलते चुनाव लड़ा था. उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी रखे, जिस पर सरकार ने सकारात्मक आश्वासन दिया है.
तिरहुत से जीते बंशीधर ब्रजवासी भी साथ आए
इस राजनीतिक फेरबदल के तहत तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले बंशीधर ब्रजवासी ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है. विधान परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान बंशीधर ब्रजवासी ने शानदार जीत हासिल की थी और अपने प्रतिद्वंद्वी को9 हजार से अधिक वोटों के बड़े अंतर से मात दी थी.
इन दोनों निर्दलीय एमएलसी के बीजेपी में शामिल होने से बिहार विधान परिषद में पार्टी की ताकत और सियासी पकड़ और अधिक मजबूत हो गई है, साथ ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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