Bihar Assistant Professor Recruitment: बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनना हुआ मुश्किल, सरकार लाई नया नियम; अब देना होगा टेस्ट

Bihar Assistant Professor Recruitment 2026: बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के नियम बदलने की तैयारी है. अब केवल NET, SET या PhD के आधार पर नियुक्ति नहीं होगी. उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा, टीचिंग टेस्ट और इंटरव्यू से गुजरना होगा. जानिए Draft Statute 2026 के नए नियम, चयन प्रक्रिया, योग्यता, मेरिट सिस्टम और संविदा शिक्षकों से जुड़े सभी बड़े बदलाव.

Bihar Assistant Professor Recruitment
Bihar Assistant Professor Recruitment

ऋचा शर्मा

follow google news

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनना अब और चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है. राज्य सरकार विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए नियुक्ति नियमावली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. सरकार द्वारा तैयार किए गए 'ड्राफ्ट स्टच्यूट 2026' (Draft Statute 2026) के तहत अब केवल NET, SET या PhD की डिग्री के आधार पर सीधे नौकरी नहीं मिलेगी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और अपनी टीचिंग स्किल (पढ़ाने की क्षमता) का प्रदर्शन करना होगा. इस नए बदलाव का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से योग्यता आधारित बनाना है.

Read more!

200 अंकों के आधार पर तैयार होगी मेरिट

लोक भवन की ओर से तैयार किए गए नए ड्राफ्ट के अनुसार, असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए कुल 200 अंक निर्धारित किए गए हैं. इसमें से सबसे बड़ा हिस्सा यानी 175 अंक लिखित परीक्षा के लिए तय किए गए हैं, जबकि इंटरव्यू के लिए केवल 25 अंक रखे गए हैं.

खास बात यह है कि यह लिखित परीक्षा बहुविकल्पीय न होकर पूरी तरह से व्याख्यात्मक (Descriptive) होगी. इस परीक्षा का पाठ्यक्रम (Syllabus) यूजीसी नेट के सिलेबस के अनुरूप तैयार किया जाएगा ताकि अभ्यर्थियों की अपने विषय पर पकड़, विश्लेषण क्षमता और अकादमिक ज्ञान का सही ढंग से मूल्यांकन किया जा सके.

इंटरव्यू में देना होगा टीचिंग टेस्ट, होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर प्रत्येक पद के मुकाबले केवल तीन शीर्ष उम्मीदवारों को ही इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा. इंटरव्यू की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जहां महज सवाल-जवाब नहीं होंगे बल्कि कुल 25 अंकों में से 13 अंक 'ऑन द स्पॉट' टीचिंग स्किल टेस्ट के लिए रखे गए हैं.

इसके तहत उम्मीदवारों को इंटरव्यू बोर्ड के सामने एक वास्तविक क्लास की तरह पढ़ाकर अपनी शिक्षण क्षमता साबित करनी होगी. चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी. इसके अलावा, बचे हुए 12 अंक उम्मीदवार की विषय पर पकड़, उसके व्यक्तित्व और संवाद क्षमता (Communication Skills) के आधार पर दिए जाएंगे.

क्या होगी जरूरी शैक्षणिक योग्यता?

असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है. इसके साथ ही नेट (NET) या सेट (SET) की परीक्षा पास होना जरूरी होगा. हालांकि, सरकार ने उन उम्मीदवारों को राहत दी है जिन्होंने यूजीसी रेगुलेशन 2009 और 2016 के तहत अपनी पीएचडी पूरी की है. ऐसे पीएचडी धारक उम्मीदवारों को नेट की अनिवार्यता से छूट मिलती रहेगी, जो कि उनके लिए एक बड़ी राहत की बात है.

संविदा शिक्षकों के लिए भी बदले नियम

इस नए ड्राफ्ट में विश्वविद्यालयों के भीतर संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर होने वाली शिक्षकों की नियुक्ति प्रणाली में भी व्यापक बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है. अब संविदा पर शिक्षकों की बहाली छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर की जाएगी. इस चयन प्रक्रिया में एपीआई (API) स्कोर, शोध कार्य (Research Work), टीचिंग टेस्ट और इंटरव्यू को विशेष महत्व दिया जाएगा. संविदा शिक्षकों के इंटरव्यू के लिए तय अंकों में से 6 अंक उनकी टीचिंग स्किल और 6 अंक इंटरेक्शन (बातचीत क्षमता) के लिए निर्धारित किए गए हैं.

संविदा पर वेतन और नौकरी की अवधि का नया फॉर्मूला

सरकार के नए प्रस्ताव के तहत संविदा पर नियुक्त होने वाले शिक्षकों को आर्थिक रूप से मजबूती देने की कोशिश की गई है. इसके तहत उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रवेश स्तर (Entry Level) के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर एकमुश्त राशि प्रति माह मानदेय के रूप में दी जाएगी.

हालांकि, यह नियुक्ति स्थाई नहीं होगी और केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही मान्य की जाएगी. जैसे ही उस पद पर नियमित (Regular) शिक्षक की नियुक्ति होगी, संविदा पर रखे गए शिक्षक की सेवा स्वतः ही समाप्त हो जाएगी. शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नई व्यवस्था से बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों को बल मिलेगा और केवल योग्य शिक्षक ही छात्रों को पढ़ा सकेंगे.

    follow google news