बिहार के बगहा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है. बगहा की एसपी निर्मला कुमारी जब एक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचीं, तो वहां का नजारा देख उन्होंने कुछ ऐसा किया कि अब वह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई हैं. वर्दी पहने ब्लैकबोर्ड के सामने खड़ी होकर छात्राओं को अंग्रेजी पढ़ाती एसपी की यह वीडियो और कहानी बेहद प्रेरणादायक है. आइए जानते है कौन है ये अधिकारी और मामले पूरी कहानी.
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जब स्कूल में नहीं थे टीचर, तो खुद उठाई चौक
दरअसल, निर्मला कुमारी भारत-नेपाल सीमा पर तैनात महिला स्वाभिमान बटालियन की कमांडेंट हैं और वर्तमान में बगहा एसपी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं. उन्होंने बगहा-1 प्रखंड के परसा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को गोद लिया हुआ है. जब वह स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचीं, तो पता चला कि अंग्रेजी के शिक्षक छुट्टी पर हैं. बिना किसी देरी के, एसपी मैडम ने खुद शिक्षिका की भूमिका संभाली और छात्राओं को अंग्रेजी पढ़ाना शुरू कर दिया.
छात्राओं में जगाया आत्मविश्वास
एसपी को अपने बीच पाकर छात्राएं न केवल खुश थीं, बल्कि उनमें एक अलग ऊर्जा और आत्मविश्वास भी देखा गया. निर्मला कुमारी ने न केवल उन्हें अंग्रेजी के पाठ पढ़ाए, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया. उन्होंने छात्राओं से संवाद किया, उनके गाने सुने और उन्हें साइबर फ्रॉड (1930) व आपातकालीन सेवा (112) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में जागरूक किया.
पुलिसिंग का नया मॉडल: हर थानेदार गोद ले एक स्कूल
एसपी निर्मला कुमारी ने इस पहल को आगे बढ़ाते हुए जिले के सभी थानाध्यक्षों को एक विशेष निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि हर थाना अध्यक्ष अपने क्षेत्र में कम से कम एक स्कूल को गोद ले. वहां की शिक्षा व्यवस्था सुधारने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने की जिम्मेदारी उठाएं. उनका मानना है कि अगर बच्चों को सही शिक्षा और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया जाए, तो वे भविष्य में अपराध से दूर रहेंगे.
कौन हैं तेज-तर्रार अधिकारी निर्मला कुमारी?
बिहार के आरा जिले की रहने वाली निर्मला कुमारी का करियर बेहद प्रभावशाली रहा है. उन्होंने अंग्रेजी विषय में ग्रेजुएशन किया है और 2005 में बीपीएससी (BPSC) परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में आईं. उनकी पहली पोस्टिंग मुजफ्फरपुर में रेलवे एडीएसपी के रूप में हुई थी. इसके बाद वह मुजफ्फरपुर में टाउन डीएसपी, पटना स्पेशल ब्रांच और कई जिलों में एसडीपीओ (गोपालगंज, भबुआ, बेनीपट्टी) के पद पर रहीं. उन्हें राज्य की खुफिया इकाई और महिला बटालियन का नेतृत्व करने का भी व्यापक अनुभव है.
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