बिहार में दिल्ली की निर्भया जैसे कांड ने पूरे राज्य को दहलाकर रख दिया है. बेगुसराय की इस घटना से पूरा बिहार शर्मसार है. भीतर से बुरी तरह टूट चुके पति ने 'आज तक' के कैमरे पर दिल दहला देने वाली आपबीती बताई. पति ने दरिंदों के दरिंदगी की वो दास्तां बताई जिसे सुनकर रुह कांप उठती है. इस पूरे मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है. पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की लापरवाही से दबंगों को हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने ये शर्मसार कृत्य किया. इधर एसपी अस्पताल पहुंचे मामले में एसआईटी का गठन कर दिया.
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पति ने बताई रुह कपां देने वाली आपबीती
मामले में पीड़िता के पति से आज तक को बताया कि दबंगों ने उसे कमरे में बंद कर दिया. उधर घर के आंगन में पत्नी शौचालय गई थी. तभी गांव के ही रामबाबू निषाद, सूरज कुमार, नितीश कुमार समेत पांच लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया. फिर गुप्तांग में बंदूक की गोली, लकड़ी और पत्थर डाल दिया था. यह लोग गांव के दबंग और बदमाश हैं. चोरी छिनतई की घटना को अंजाम देते हैं.
मार्च में भी रेप की कोशिश की थी
पीड़िता के पति ने बताया कि मार्च महीने में इन बदमाशों ने घर में घुसकर पत्नी के साथ रेप की कोशिश की थी. असफल होने पर मारपीट की और लूटपाट करके चले गए. मामले में थाने में केस दर्ज कराया गया, लेकिन पुलिस ने पैसे लेकर मिलीभगत कर सभी को जमानत दे दिया. जमानत मिलने के बाद दूसरी बार इन बदमाशों गैंगरेप किया. इस बार तो उन्होंने हैवानियत की हद पार कर दी.
पहले 5 के खिलाफ रेप का केस, हैवानियत सामने आई तो मचा हड़कंप
इस मामले में 13 जून को 3 नामजद और 2 अज्ञात पर रेप का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन गुरुवार को हैवानियत की बात सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम सदर अस्पताल में कैंप कर पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष खुद सदर अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं.
क्या है ये पूरा मामला ?
बिहार के बेगूसराय 11 जून की रात करीब 11:30 बजे 30 साल की पीड़िता घर के आंगन में बने शौचालय में शौच करने गई थी. इसी दौरान गांव के ही पांच बदमाशों ने घात लगाकर उसे घेर लिया. बदमाशों ने सबसे पहले महिला के पति को एक कमरे के अंदर बंद कर दिया ताकि वह मदद के लिए चिल्ला न सके. इसके बाद जब महिला शौचालय से निकली तो बदमाशों ने उसे दबोच लिया. शोर मचाने पर उसका मुंह साड़ी से बांध दिया गया. हाथ-पैर बांध दिए गए और उसे घसीटते हुए अंधेरे में ले गए.
ब्लेड से काटा, प्राइवेट पार्ट में डाला बुलेट और पत्थर
पीड़िता ने रोते हुए अपने बयान में बताया कि पांचों बदमाशों ने उसके साथ गैंगरेप किया. जब वह दर्द से छटपटा रही थी और छोड़ने की भीख मांग रही थी, तब दरिंदों ने उसके सीने, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों पर ब्लेड से ताबड़तोड़ वार कर उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया. इसके बाद हैवानियत की इंतेहा पार करते हुए बदमाशों ने उसके प्राइवेट पार्ट के अंदर बंदूक की गोली (बुलेट), पत्थर और लकड़ी का ब्लॉक ठूंस दिया और उसे बदहवास हालत में बाथरूम में फेंक कर भाग गए.
डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पेट से निकाला बुलेट और लकड़ी
घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 12 जून की शाम को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन घर जाने के बाद महिला का दर्द कम नहीं हुआ. वह दिन-रात दर्द से कराहती रही और न कुछ बोल पा रही थी और न खाना खा पा रही थी. 17 जून को जब उसका पति उसे दोबारा सदर अस्पताल लेकर आया, तो डॉक्टरों ने उसका अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे किया. इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर महिला के शरीर के अंदर से एक बुलेट (गोली), पत्थर और लकड़ी का ब्लॉक बाहर निकाला.
मामले में एसपी मनीष ने सदर डीएसपी दुर्गा कुमारी के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठन किया है. एसपी मनीष ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है. जांच में पता चला है कि पीड़िता के प्राइवेट पार्ट्स में कुछ सामान डाला गया था. फिर मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच कराया जा रहा है. आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. टीम छापेमारी कर रही है. मेडिकल रिपोर्ट जल्द सामने आएगी.
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