सड़क खराब हो और सरकार या नेताजी ध्यान न दें तो आम जनता क्या करे? बिहार के बेगूसराय के लोगों ने इसका ऐसा नायाब तरीका निकाला है कि जिसकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ हो रही है. यहां के ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों का नामकरण स्थानीय सांसद और विधायक के नाम पर कर डाला है.
ADVERTISEMENT
'गिरिराज कुंड' और 'कुंदन कुंड' बना चर्चा का विषय
मामला बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड की पर्रा पंचायत का है. यहां की पर्रा-सरौंजा सड़क इतने बुरे हाल में है कि लोगों का चलना मुहाल हो गया है. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद उड़ाने के लिए ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा रास्ता चुना.
गांववालों ने केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह और बीजेपी विधायक कुंदन कुमार की तस्वीरों वाली तख्तियां छपवाईं. इन पर साफ-साफ लिखवाया गया- 'गिरिराज कुंड' और 'कुंदन कुंड'. इसके बाद युवाओं ने सड़क के बीचों-बीच बने जानलेवा गड्ढों के पास इन तख्तियों को गाड़ दिया. अब इस अनोखे विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है.
बरसों से बदहाल है पर्रा-सरौंजा मार्ग
स्थानीय लोगों का दर्द साफ झलकता है. उनका कहना है कि यह सड़क पिछले कई सालों से बदहाल पड़ी है. लोगों का आरोप है कि विधायक कुंदन कुमार के चुने जाने के बाद बीते छह वर्षों में इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं आया.
हालात ये हैं कि सड़क पर चलना यानी अपनी जान जोखिम में डालना है. गड्ढे इतने गहरे हैं कि बाइक, ऑटो और कार चालकों को रोजाना हादसे का डर सताता रहता है. बारिश के दिनों में तो इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे यह पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां.
मॉडल पंचायत के दावों पर सवाल
विडंबना यह है कि जिस पर्रा पंचायत को 'मॉडल पंचायत' होने का तमगा मिला है, वहां की मुख्य सड़क ही विकास के दावों की पोल खोल रही है.
फिलहाल, ग्रामीणों का यह प्रतीकात्मक विरोध रंग लाएगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन नेताओं के नाम पर गड्ढों का नामकरण करने के इस देसी और मजेदार नुस्खे ने हुक्मरानों की नींद जरूर उड़ा दी है. ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दे दी है कि अगर जल्द सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे.
ये भी पढ़ें: CM सम्राट चौधरी की अपील: सक्षम और टैक्सपेयर लोग छोड़ें 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ, जानें क्या है वजह?
ADVERTISEMENT


