'सर करियर का सवाल है, जाने दीजिए!' गेट नहीं खुला तो छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान; बिहार बोर्ड की सख्ती पर उठे सवाल

आशीष अभिनव

• 12:33 PM • 20 Feb 2026

Bihar Board exam news: बिहार में मैट्रिक परीक्षा के दौरान पटना के मसौढ़ी में एक छात्रा ने परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट की देरी से प्रवेश न मिलने पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं. मामला बिहार विधान परिषद में भी गूंजा, जहां नियमों में संवेदनशीलता बरतने की मांग की गई. जानिए पूरी घटना.

Bihar Board exam news
एग्जाम सेंटर का गेट नहीं खुला तो छात्रा ने दे दी जान(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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बिहार में मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा के दौरान एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. पटना के मसौढ़ी में एक छात्रा ने परीक्षा केंद्र पर चंद मिनट की देरी से पहुंचने और प्रवेश न मिलने से आहत होकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने न केवल शिक्षा व्यवस्था की सख्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली हैं.

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परीक्षा छूटने के गम में खौफनाक कदम

मृतका की पहचान मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव की बेटी कोमल कुमारी के रूप में हुई है. कोमल का परीक्षा केंद्र बरणी स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में था. मंगलवार को उसकी हिंदी की परीक्षा थी. वह समय पर पहुंचने के लिए सोमवार को ही अपने रिश्तेदार के घर महाराजचक चली गई थी. लेकिन परीक्षा के दिन ट्रैफिक जाम और अन्य कारणों से वह केंद्र पर चंद मिनट की देरी से पहुंची.

'मिन्नतें करती रही, पर नहीं खुला गेट'

परिजनों का आरोप है कि कोमल परीक्षा केंद्र के गेट पर खड़ी होकर मिन्नतें करती रही. उसने गार्ड और अधिकारियों से गुहार लगाई कि 'सर, करियर का सवाल है, जाने दीजिए,' लेकिन नियमों का हवाला देकर गेट नहीं खोला गया. परीक्षा से वंचित होने के बाद कोमल गहरे सदमे में चली गई. वह चुपचाप घर लौटी और बगल के रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन के आगे कूद गई.

पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों का फूटा गुस्सा

पीएमसीएच (PMCH) में पोस्टमार्टम के लिए आए कोमल के परिजनों ने इस घटना के लिए बिहार सरकार और शिक्षा विभाग के रवैये को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा पहली बार 1-2 मिनट की देरी से आता है, तो उसे चेतावनी देकर अंदर जाने देना चाहिए. '2 मिनट की देरी की वजह से उसने अपनी जिंदगी खो दी,' परिजनों का यह बयान सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है.

विधान परिषद में गूंजा मामला

छात्रा की आत्महत्या का मुद्दा बिहार विधान परिषद में भी उठा. जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि ट्रैफिक या अन्य समस्याओं के कारण देरी होना स्वाभाविक है. उन्होंने बताया कि सभापति ने सरकार को इस संबंध में संवेदनशीलता बरतने और नियमों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है ताकि भविष्य में किसी और छात्र के साथ ऐसा न हो.यह घटना समाज और सरकार के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि क्या परीक्षाओं के नियम छात्र की जान से भी बड़े हैं? 

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