बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की जीत के बाद से पूरे राज्य में ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन देखने को मिला, जहां अतिक्रमित जमीनों को खाला कराने के लिए सरकार लगातार कार्रवाई कर रही थी. हालांकि राज्यसभा जाने की वजह से नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया और सम्राट चौधरी नए मुख्यमंत्री बने. लेकिन राज्य सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है और अतिक्रमण हटाया जा रहा है. इसी कड़ी में बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता और उनके पति डॉ. वरुण कुमार से जुड़े निजी अस्पताल पर भी अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई की है, जो कि अब राज्य भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
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तोड़ दी अस्पताल की बाउंड्री
दरअसल बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है. इसी कड़ी में सीतामढ़ी जिले में भी रिंग बांध सड़क चौड़ीकरण परियोजना का कार्य चल रहा है. बीते कल यानी रविवार को रीगा अंचल क्षेत्र में इसी संबंध में अतिक्रमण अभियान चलाया गया. इस दौरान प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहें निर्माणों को हटाया, जिसमें मंत्री से जुड़ा अस्पताल की बाउंड्री भी शामिल थी. अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल की बाउंड्री तय सीमा से बाहर सड़क की भूमि पर अतिक्रमण करके बनाई गई थी, जिसे रविवार को तोड़ दिया गया.
लगातार हो रही कार्रवाई
बीते कुछ महीनों से प्रशासन सड़क चौड़ीकरण परियोजना को सही तरीके से और समय से पूरा करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है. इस दौरान जिस किसी भी का निर्माण इस परियोजना में बाधा बन रहा है, उन्हें विधिवत तरीके से सूचित किया जा रहा है और फिर प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है. रविवार को भी इसी के तहत आगे की कार्रवाई की गई.
पहली बार विधायक बनीं है श्वेता गुप्ता
डॉ. श्वेता गुप्ता नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड(JDU) से इस बार शिवहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ी थी. चुनाव में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया और जीतकर पहली बार विधायक बनी. हाल में हुए सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार में उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली, जिसके बाद उन्हें समाज कल्याण विभाग मिला. मंत्री बनने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि उनके परिवार से जुड़े संस्थान पर अतिक्रमण की कार्रवाई की गई है.
फिलहाल इलाके में इस कार्रवाई की खूब चर्चा हो रही है, कि आखिर एक मंत्री से जुड़े अस्पताल को नहीं बख्शा गया है तो अब कौन ही बचेगा? हालांकि अभी तक ना मंत्री और ना ही उनके परिवार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना को समय से पूरा करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
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