Bihar Cabinet Expansion: सम्राट चौधरी कैबिनेट में 7 नए चेहरों की एंट्री, नीतीश के बेटे निशांत समेत इन दिग्गजों को मिली जगह, देखें पूरी लिस्ट

बिहार कैबिनेट विस्तार में सात नए चेहरों को शामिल कर एनडीए ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है. इसमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत सहित बीजेपी और जेडीयू के विभिन्न समुदायों के नेताओं को जगह देकर 2030 के चुनावों के लिए मजबूत बिसात बिछाई गई है.

Bihar Cabinet Expension
Bihar Cabinet Expension

ऋचा शर्मा

follow google news

बिहार की राजनीति में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आखिरकार संपन्न हो गया, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में इस बार सात नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. एनडीए (NDA) ने इन नियुक्तियों के जरिए न केवल प्रशासनिक मजबूती बल्कि आगामी चुनावों को देखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की भी पुरजोर कोशिश की है. इन 7 मंत्रियों में से 4 बीजेपी कोटे से और 3 जेडीयू कोटे से हैं.

Read more!

बीजेपी के 4 नए सिपाही: सवर्ण, दलित और अति-पिछड़ों पर दांव

भारतीय जनता पार्टी ने अपने कोटे से चार ऐसे नेताओं को चुना है जो अलग-अलग समुदायों में गहरी पकड़ रखते हैं:

  • मिथिलेश तिवारी (ब्राह्मण समाज): बीजेपी ने सवर्ण वोट बैंक को एकजुट रखने के लिए मिथिलेश तिवारी पर भरोसा जताया है. वह संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं 
  • इंजीनियर कुमार शैलेंद्र (भूमिहार समाज): भूमिहार समाज के दबदबे को देखते हुए तकनीकी पृष्ठभूमि वाले शैलेंद्र को कैबिनेट में जगह दी गई है. 
  • रामचंद्र प्रसाद (तेली समाज - OBC): अति पिछड़ा वर्ग (EBC) में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बीजेपी ने रामचंद्र प्रसाद को मंत्री बनाया है.
  • नंद किशोर राम (रविदास समाज - SC): दलित समुदाय को साधने की रणनीति के तहत नंद किशोर राम को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. 

जेडीयू के 3 नए चेहरे

जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने समीकरणों को धार देने के लिए इन चेहरों को उतारा है:

  • निशांत (कुर्मी समाज): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत की कैबिनेट में एंट्री सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है. इसे कुर्मी वोट बैंक और युवा पीढ़ी को जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
  • बुलो मंडल (गंगोता समाज - EBC): अति पिछड़ा वर्ग के हर छोटे-बड़े समुदाय को प्रतिनिधित्व देने की नीतीश की रणनीति के तहत बुलो मंडल को जगह मिली है.
  • श्वेता गुप्ता (सूडी समाज - वैश्य/पिछड़ा वर्ग): महिला प्रतिनिधित्व और वैश्य समाज को साधने के लिए श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाया गया है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार केवल चेहरों का बदलाव नहीं, बल्कि 2030 के विधानसभा चुनाव और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की एक सोची-समझी बिसात है. सवर्णों से लेकर दलितों और महिलाओं तक, एनडीए ने हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देकर अपनी पकड़ गहरी करने की कोशिश की है.


 

    follow google news