बिहार गृह विभाग की DSP ट्रांसफर-पोस्टिंग अधिसूचना में अजीबोगरीब गड़बड़ी सामने आई है. पंकज कुमार सिंह का नाम एक ही आदेश में दो अलग-अलग जगह पोस्टेड बताया गया है. एक एंट्री में उन्हें सुपौल के त्रिवेणीगंज का SDPO बनाया गया है, जबकि दूसरी एंट्री में सहरसा सदर SDPO की जिम्मेदारी दी गई है. अब सवाल उठ रहा है कि DSP साहब आखिर जाएं तो जाएं कहां? क्या यह टाइपिंग या डेटा एंट्री की गलती है या पोस्टिंग में कोई बदलाव हुआ था? निगाहें अब गृह विभाग के स्पष्टीकरण और संशोधित अधिसूचना पर हैं.
ADVERTISEMENT
पोस्टिंग को लेकर गृह विभाग की ओर से आदेश जारी
बिहार में पुलिस अधिकारियों के तबादले और पोस्टिंग को लेकर गृह विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना इन दिनों चर्चा का विषय बन गई है. वजह कोई बड़ा प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि आदेश में सामने आई ऐसी गड़बड़ी है, जिसने लोगों को भी हैरान कर दिया है. दरअसल, गृह विभाग ने शनिवार को DSP स्तर के कई अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की सूची जारी की. इस सूची में अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में नई जिम्मेदारियां दी गईं. लेकिन इसी सूची में एक अधिकारी की पोस्टिंग को लेकर ऐसा पेंच फंस गया कि सवाल उठने लगा DSP साहब आखिर जाएं तो जाएं कहां?
एक अधिकारी दो पोस्टिंग
मामला पंकज कुमार सिंह से जुड़ा है. सूची में एक जगह उन्हें बक्सर से हटाकर सुपौल के त्रिवेणीगंज पुलिस अनुमंडल का SDPO बनाया गया है. यानी नई जिम्मेदारी के मुताबिक उन्हें त्रिवेणीगंज जाना है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. उसी अधिसूचना में एक दूसरी एंट्री में भी पंकज कुमार सिंह का नाम दर्ज है. यहां उनकी नई पोस्टिंग सहरसा सदर पुलिस अनुमंडल के SDPO के तौर पर बताई गई है.
सरकारी नौकरी में ऐसा 'डबल रोल'?
अब जरा स्थिति समझिए एक ही अधिकारी, एक ही आदेश और दो अलग-अलग पोस्टिंग! एक तरफ सुपौल का त्रिवेणीगंज बुला रहा है, तो दूसरी तरफ सहरसा सदर. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंकज कुमार सिंह किस आदेश को मानें और किस जगह योगदान दें? मामला अगर फिल्म होता तो शायद DSP साहब के सामने दो रास्ते होते एक सहरसा की तरफ और दूसरा सुपौल की तरफ. लेकिन सरकारी नौकरी में ऐसा 'डबल रोल' निभाना फिलहाल संभव नहीं है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह सिर्फ अधिसूचना तैयार करने के दौरान हुई टाइपिंग या डेटा एंट्री की गलती है, या फिर पोस्टिंग की प्रक्रिया में किसी स्तर पर कोई बदलाव हुआ था जिसे अंतिम सूची में ठीक नहीं किया जा सका.
गृह विभाग के स्पष्टीकरण का इंतजार
गौर करने वाली बात यह है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश कोई सामान्य कागज नहीं होता. इसी के आधार पर अधिकारी अपनी नई जगह योगदान करते हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हैं. ऐसे में एक ही अधिकारी का नाम दो अलग-अलग पदस्थापन के साथ आना निश्चित तौर पर भ्रम की स्थिति पैदा करता है. अब निगाहें गृह विभाग पर हैं कि इस मामले में क्या स्पष्टीकरण सामने आता है. क्या इसे महज एक गलती मानकर संशोधित अधिसूचना जारी की जाएगी या फिर दोनों एंट्री के पीछे कोई अलग प्रशासनिक वजह है?
पुलिस महकमे में इस आदेश की चर्चा
फिलहाल तो बिहार पुलिस महकमे में इस आदेश की चर्चा कुछ इस अंदाज में हो रही है DSP साहब की पोस्टिंग एक जगह हुई है या दो जगह? और अगर दोनों जगह हुई है, तो आखिर ज्वाइनिंग किस जगह होगी? क्योंकि सरकारी आदेश में DSP साहब के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है त्रिवेणीगंज जाएं या सहरसा सदर?
ADVERTISEMENT


