बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार, पेपर लीक और संगठित अपराध के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार जारी है. बिहार आर्थिक अपराध इकाई के ADG अमित कुमार जैन ने बताया कि कदाचार और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है. उनके मुताबिक फिलहाल 44 मामलों में आर्थिक अपराध इकाई द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है.
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NEET और UG परीक्षा में दर्ज हुए चार मामले
ADG अमित कुमार जैन ने बताया कि NEET और UG परीक्षा से जुड़े मामलों में भी आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई की है. इन परीक्षाओं में कदाचार और पेपर लीक से संबंधित चार मामले दर्ज किए गए हैं. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
डॉक्टर उज्ज्वल राज और डॉ. रवि शंकर गिरफ्तार
आर्थिक अपराध इकाई ने हाल के दिनों में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों में कुछ महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की हैं. ADG के अनुसार डॉ. उज्ज्वल राज और डॉ. रवि शंकर को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. जांच में डॉ. रवि शंकर की भूमिका चार मामलों में सामने आई है. उनकी निशानदेही पर आर्थिक अपराध इकाई को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान मिले हैं. इनमें फर्जी एडमिट कार्ड, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र, बैंक के चेक, पासबुक, पहचान-पत्र, करीब दो लाख रुपये नकद और डिजिटल उपकरण शामिल हैं. EOU ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस रिमांड पर भी लिया था. जांच एजेंसी अब इनके नेटवर्क और परीक्षा में धांधली से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है.
सिपाही भर्ती परीक्षा में भी कार्रवाई
सिपाही चयन परीक्षा में भर्ती से जुड़े मामले में भी आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई की है. कंकड़बाग थाने में दर्ज मामले में अग्निशमन विभाग में चालक सिपाही के पद पर तैनात विजय तिवारी को 3 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. जांच में जन्मेजय तिवारी द्वारा अभ्यर्थियों को उत्तर-पत्र उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है. EOU इस मामले में परीक्षा में धांधली के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
गृह रक्षा वाहिनी परीक्षा में छह गिरफ्तार
गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा में धांधली के मामले में पूर्णिया में छह लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. आर्थिक अपराध इकाई की ओर से इस मामले में भी परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसी तरह बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था. राम समदर्शी उर्फ राजा और नीतीश कुमार की गिरफ्तारी 30 जुलाई को की गई थी.
TRE-3 पेपर लीक मामले में डॉक्टर गिरफ्तार
BPSC TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के मामले में भी EOU ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में NMCH से MBBS कर चुके डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसी के अनुसार, डॉक्टर मनीष कुमार पर करीब 30 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले हजारीबाग ले जाकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की साजिश में शामिल होने का आरोप है. स्वतंत्र रिपोर्टों के मुताबिक EOU की जांच में उनके संबंध परीक्षा लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों से सामने आए हैं. जांच के मुताबिक अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले हजारीबाग के एक होटल में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था. आरोप है कि प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए 50 हजार रुपये की डील हुई थी.
TRE-3 मामले में अब तक 296 गिरफ्तारियां
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार TRE-3 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 296 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. डॉक्टर मनीष कुमार की गिरफ्तारी भी इसी कार्रवाई का हिस्सा है. EOU की जांच में इस मामले में जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल जारी है.
परीक्षा माफिया पर EOU की नजर
बिहार में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में कदाचार के मामलों के बीच आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसी अब सिर्फ पेपर लीक करने वालों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अभ्यर्थियों, बिचौलियों, सरकारी कर्मचारियों और परीक्षा माफिया के बीच के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. ADG अमित कुमार जैन के मुताबिक कदाचार और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. 44 मामलों में चल रही जांच के बीच आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
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