बिहार में किसानों तक सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ प्रभावी, पारदर्शी और आसान तरीके से पहुंचाने के लिए सरकार ने तीन विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की पहल की है. कृषि, राजस्व एवं भूमि सुधार और सहकारिता विभाग की संयुक्त समन्वय बैठक में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई. बैठक में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव के साथ संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में एग्रीस्टैक के तहत फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर ID, न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीद, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई.
ADVERTISEMENT
53 लाख से ज्यादा किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार
सरकार के मुताबिक बिहार में अब तक 53 लाख से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है. इसके जरिए किसानों की पहचान, भूमि और कृषि से जुड़ी जानकारी को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है. सरकार का कहना है कि फार्मर ID के जरिए योजनाओं के लिए लाभार्थियों की पहचान, लक्ष्य निर्धारण और कृषि सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, फसल बीमा, आपदा सहायता और विभिन्न अनुदान योजनाओं के क्रियान्वयन में भी Farmer Registry को महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य तकनीक को किसानों की ताकत बनाना है, ताकि सही किसान तक सही योजना और सही समय पर सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा सके.
जमीन के म्यूटेशन के साथ फार्मर रजिस्ट्री अपडेट करने की तैयारी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने फार्मर रजिस्ट्री के काम को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उनका कहना है कि जिला, अंचल और संबंधित स्तर पर कृषि विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर किसानों की भूमि और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े काम को जल्द पूरा किया जाएगा. जहां किसान के नाम भूमि का म्यूटेशन होगा, वहां म्यूटेशन की प्रक्रिया के साथ ही संबंधित किसान की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है. वहीं, अगर किसान की पहले से फार्मर ID या फार्मर रजिस्ट्री मौजूद है, तो म्यूटेशन के जरिए प्राप्त नई भूमि की जानकारी को मौजूदा रजिस्ट्री में जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी.
MSP पर खरीद व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीद व्यवस्था को और प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर भी बैठक में जोर दिया गया. सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसान की पहचान और कृषि संबंधी जानकारी व्यवस्थित होने से भविष्य में खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को सही लाभार्थी से जोड़ने में मदद मिल सकती है. सहकारिता विभाग PACS और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों की उपज के संग्रहण, खरीद और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि समेत अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय करेगा.
KCC और फसल बीमा का लाभ पहुंचाने पर भी फोकस
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी चर्चा हुई. सरकार के अनुसार तीनों विभागों के समन्वय से किसान हित की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. फार्मर रजिस्ट्री में किसान की पहचान और भूमि से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित होने से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों की पहचान, बीमा कवरेज से जुड़ी प्रक्रिया और फसल क्षति के आकलन एवं मुआवजे की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है. सरकार की इस पहल का फोकस कृषि, भूमि रिकॉर्ड और सहकारी व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाकर किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है.
ADVERTISEMENT


